जेल से जहन्नुम पहुंचा आतंकी अब्दुल रहमान, रोहित गोदारा गैंग ने ली जिम्मेदारी; जानिए क्या है पूरी कहानी?

Crime News: फरीदाबाद जेल में आतंकवादी अब्दुल रहमान की हत्या के संबंध में सोशल मीडिया पर रोहित गोदारा गैंग का पोस्ट सामने आया है। पोस्ट में लिखा गया है कि जो भी देश के खिलाफ जाएगा उसके साथ ऐसा ही होगा।
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अब्दुल रहमान (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Abdul Rahman Murder: फरीदाबाद जेल में आतंकवादी अब्दुल रहमान की हत्या के संबंध में सोशल मीडिया पर एक कथित गैंग पोस्ट सामने आया है। यह पोस्ट जिसे कथित तौर पर रोहित गोदारा गैंग के सदस्य महेंद्र डेलना के नाम से शेयर किया गया है, आरोपी हत्यारे अरुण चौधरी का समर्थन करता है और इस घटना की जिम्मेदारी लेता है।

सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज में कहा गया है कि अब्दुल रहमान कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों और राम मंदिर पर हमले की साजिश में शामिल था। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि जेल के अंदर उसे मारने वाले अरुण चौधरी को गैंग सलाम करता है और धन्यवाद देता है। इसमें ऐसी भाषा का भी इस्तेमाल किया गया है जो देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के लिए चेतावनी जैसी लगती है।

रोहित गोदारा गैंग ने ली जिम्मेदारी

पोस्ट में लिखा गया है कि जो भी देश के खिलाफ जाएगा उसके साथ ऐसा ही होगा। जय श्री राम, सभी भाइयों को राम-राम। मैं, महेंद्र डेलना (रोहित गोदारा ग्रुप), आपको बताना चाहता हूं कि अब्दुल रहमान को फरीदाबाद जेल में मार दिया गया है। वह एक आतंकवादी था और राम मंदिर पर हमले की साजिश में शामिल था।

पोस्ट में और क्या कुछ लिखा गया?

पोस्ट में आगे लिखा है कि जब उसे फरीदाबाद में पकड़ा गया था तो उसके पास से दो ग्रेनेड बरामद हुए थे और वह देश के खिलाफ कई आतंकवादी गतिविधियों में शामिल था। भाई अरुण चौधरी ने उसे उसके किए की सजा दी है। हम उन्हें दिल से धन्यवाद देते हैं। जो भी हमारे देश के खिलाफ जाएगा, उसके साथ ऐसा ही होगा। भाई अरुण चौधरी को हमारा दिल से सलाम।

जानिए क्या है यह पूरी कहानी?

आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार और फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद अब्दुल रहमान की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जेल के अंदर एक अन्य कैदी अरुण चौधरी ने धारदार हथियार से उसके सिर पर हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जेल सूत्रों के मुताबिक, यह घटना देर रात हुई।

राम मंदिर पर था हमले का प्लान

लगभग 20 साल के अब्दुल रहमान को 2 मार्च 2025 को पाली गांव के पास से पकड़ा गया था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे, जिन्हें बम निरोधक दस्ते ने डिफ्यूज कर दिया था। जांच एजेंसियों ने दावा किया था कि वह अयोध्या से जुड़ी संवेदनशील जगहों को निशाना बनाने की साजिश में शामिल था।

अब्दुल रहमान कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर इलाके का रहने वाला था। उसे हरियाणा STF ने गुजरात ATS और केंद्रीय खुफिया एजेंसी IB के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उसके पास से कुछ वीडियो भी बरामद हुए, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी जानकारी थी। फिलहाल, पुलिस और खुफिया एजेंसियां ​​जेल में हुई हत्या के मामले की सभी एंगल से जांच कर रही हैं।

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