महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ को लगाएं इन खास चीजों का भोग, महादेव की कृपा से बनेंगे के सभी बिगड़े काम

Mahashivratri Special Bhog:महाशिवरात्रि 2026 पर भगवान शिव को सही भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। जानें कौन-कौन सी चीजें चढ़ाएं, जिससे महादेव की कृपा से आपके सभी बिगड़े काम बन सकते हैं।
Shiva Bhog Items
भगवान शिव (सौ.सोशल मीडिया)
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Shiva Bhog Items: महाशिवरात्रि 2026 का पावन पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान शिव की आराधना, व्रत, रात्रि जागरण और विशेष भोग अर्पण के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सही विधि से पूजा और शिव को प्रिय भोग अर्पित करने से सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु यह जानना चाहते हैं कि महाशिवरात्रि पर कौन-कौन से भोग चढ़ाने चाहिए, ताकि भोलेनाथ की कृपा जीवन पर बनी रहे।

महाशिवरात्रि पर कौन-कौन से भोग चढ़ाने चाहिए

महाशिवरात्रि भगवान शिव की उपासना का सबसे बड़ा दिन है। शिव जी को भोलेनाथ कहा जाता है क्योंकि वे बहुत ही सरल चीजों से प्रसन्न हो जाते हैं। महाशिवरात्रि पर आप अपनी श्रद्धा के अनुसार निम्नलिखित भोग अर्पित कर सकते हैं:

पंचामृत

भगवान शिव का अभिषेक और भोग बिना पंचामृत के अधूरा माना जाता है। यह पांच चीजों के मिश्रण से बनता है:

दूध

दही

शहद

घी

शक्कर/गुड़

सफेद मिठाइयां और दूध से बनी चीजें

  • शिव जी को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाना शुभ होता है:
  • खीर: चावल या मखाने की खीर।
  • पेड़ा: शुद्ध दूध के मावे से बने पेड़े।
  • बर्फी: काजू या नारियल की सफेद बर्फी।

फल और कंदमूल

  • शास्त्रों के अनुसार शिव जी को जंगली फल और कंदमूल चढ़ाना बहुत फलदायी होता है:
  • बेलपत्र और धतूरा: (ये भोग नहीं, अर्पण हैं, लेकिन इनके बिना पूजा अधूरी है)।
  • बेर: महाशिवरात्रि पर विशेष रूप से 'बेर' का भोग लगाया जाता है।
  • केला और सेब: ऋतु फल के रूप में।

ठंडाई

शिव पूजा में ठंडाई का विशेष महत्व है। इसे दूध, बादाम, केसर और सौंफ मिलाकर बनाया जाता है। कई लोग इसमें भांग भी मिलाते हैं, लेकिन सात्विक पूजा के लिए बिना भांग की ठंडाई भी उत्तम है।

हलवा

व्रत के दौरान कुट्टू के आटे का हलवा, सूजी का हलवा या कद्दू का हलवा बनाकर भी भोग लगाया जा सकता है।

विशेष टिप: शिव जी को भोग लगाते समय उसमें तुलसी के पत्ते न डालें, क्योंकि शिव पूजा में तुलसी वर्जित है। इसकी जगह आप बेलपत्र का उपयोग कर सकते हैं।

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