सर्दियों में क्यों बढ़ने लगते है निमोनिया के सबसे ज्यादा मामले, कारण जानकर तुरंत करें ऐसे बचाव
Why Pneumonia Increases In Winter: निमोनिया सर्दियों में होने वाला संक्रामक रोग है जो हर उम्र के लोगों बच्चे, बुजुर्ग, प्रेग्नेंट महिलाएं और बीमार व्यक्ति को चपेट में लेता है।
- Written By: दीपिका पाल
निमोनिया से बचाव (सौ.सोशल मीडिया)
Pneumonia Cases in Winter: सर्दियों का मौसम जारी है इस दौरान तापमान ठंडा कम और ज्यादा होता रहता है। सर्दियों में तापमान ठंडा होने की वजह से शरीर पर इसका बुरा असर पड़ता है। सर्दी-जुकाम की समस्या की आम बीमारी इस मौसम में गंभीर बीमारियों को बुलावा देती है। इसमें निमोनिया की बीमारी सबसे बड़ी बीमारी में से एक है।
यह सर्दियों में होने वाला संक्रामक रोग है जो हर उम्र के लोगों बच्चे, बुजुर्ग, प्रेग्नेंट महिलाएं और बीमार व्यक्ति को चपेट में लेता है। चलिए जानते है निमोनिया बढ़ने के कारण और इससे बचाव कैसे संभव होता है।
पहले जानिए क्या है निमोनिया
सर्दी के मौसम में वैसे तो सर्दी-जुकाम जैसी स्वास्थ्य समस्याएं बनी रहती है लेकिन शरीर का तापमान सामान्य से कम हो जाता है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। इस वजह से हमारी नाक और गले की नमी सूखने लगती है। यहां पर इस संक्रमण को आसानी से फेफड़ों तक पहुंचा सकता है। वहीं पर ठंड का मौसम निमोनिया के मामलों को काफी बढ़ा देता है। यहां पर निमोनिया बढ़ने के क्या कारण होते है इसके बार में चर्चा करते है।
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सर्दियों में निमोनिया बढ़ने के कारण
सर्दी के मौसम में निमोनिया बढ़ने के कई कारण है जो इस प्रकार है…
1- सर्दी के मौसम में तापमान ठंडा होने के कारण लोग खिड़कियां-दरवाजे बंद रखते हैं इससे ताजी हवा घर में प्रवेश नहीं कर पाती है। इस स्थिति में वायरस जल्दी फैलते है तो वहीं पर एक-दूसरे में संक्रमण बढ़ता है।
2- ठंड बढ़ने के साथ ही सांस लेने के दौरान बहुत ठंडी हवा फेफड़ों तक पहुंचती है।यह हवा फेफड़ों के ऊतकों को प्रभावित करती है, जिससे उनमें संक्रमण जल्दी फैल जाता है।
3- शरीर में तापमान की वजह से इम्यूनिटी लेवल भी कमजोर होता है। इस मौसम में शरीर कई बड़ी बीमारी या बदलाव को झेल नहीं पाता है। शरीर संक्रमण से लड़ नहीं पाता और निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है।
4- सर्दी के मौसम के दौरान अस्थमा, हार्ट हेल्थ, डायबिटीज या सीओपीडी वाले लोगों में सर्दी के दौरान फेफड़ों पर तनाव ज्यादा बढ़ता है। यह कारण निमोनिया बढ़ने के कारण होते है।
5- सर्दी के मौसम में ठंडी और सूखी हवा से हमारी नाक और गले की नमी कम हो जाती है। यह समस्या वायरस और बैक्टीरिया आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाता है।
सर्दियों में कैसे रखें निमोनिया से बचाव
सर्दियों के मौसम में आपको निमोनिया से बचाव रखना चाहिए, इसके लिए इन बातों पर ध्यान दें।
1- सर्दी के मौसम में आपको निमोनिया के वायरस से बचाव के लिए हाथों की साफ-सफाई जरूर करना चाहिए। वायरस को फैलने से बचाने के लिए आप हाथ बार-बार धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल जरूर करें।
2- सर्दी के मौसम में ठंडे तापमान से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनना जरूरी होता है। यह ठंडी हवा सीधे नाक और फेफड़ों तक पहुंच जाती है। इसके लिए आपको बाहर निकलते समय मफलर या मास्क जरूर पहनना चाहिए।
3- घर में वेंटिलेशन रखें। साथ ही खिड़कियां थोड़ी देर के लिए खोलें ताकि कमरे में हवा का अंदर-बाहर जा सकें।
4- सर्दियों में ठंडे तापमान की वजह से लोग पानी कम पीते है, जिससे शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है। इस समस्या से बचने के लिए आप पानी भरपूर मात्रा में पिएं औऱ साथ ही सूप, काढ़ा या गर्म तरल पदार्थ लें।
5- सर्दियों में फलों, सब्जियों, दालों, सूखे मेवों और विटामिन-सी से भरपूर चीजों का सेवन करें।
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6- सर्दियों में निमोनिया से बचने के लिए सिगरेट, धूम्रपान से बचना चाहिए। यह समस्या फेफड़ों को कमजोर करती है और निमोनिया का खतरा कई गुना बढ़ाती है।
7- विशेषकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग फ्लू और निमोनिया के टीके लगवाए. टीके उन्हें गंभीर संक्रमण से बचाते हैं। सर्दियों में संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है, इसलिए बीमार व्यक्ति से थोड़ी दूरी बनाए रखें।
