अमरावती इर्विन अस्पताल मरीज भर्ती तस्वीर (सौजन्य-नवभारत)
Amravati District General Hospital News: अमरावती जिला सामान्य अस्पताल (इर्विन) के आईसीयू में सीमित सुविधाओं के बीच जीवन और मृत्यु की जंग जारी है। मात्र छह बेड से शुरू हुए इस आईसीयू में अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 1,387 गंभीर मरीजों का उपचार किया गया। हालांकि संसाधनों की कमी और इलाज में विलंब के कारण 245 मरीजों को बचाया नहीं जा सका।जिला अस्पताल ही एकमात्र सरकारी केंद्र है जहां आईसीयू सुविधा उपलब्ध है।
उपजिला व ग्रामीण अस्पतालों से गंभीर मरीजों सर्पदंश, विष सेवन, दुर्घटना पीड़ित और प्रसूति के दौरान गंभीर हुई महिलाओं को यहीं रेफर किया जाता है। बेड संख्या पहले छह थी, जिसे बढ़ाकर 18 कर दिया गया है। इससे नागपुर रेफर होने वाले मरीजों की संख्या कुछ कम हुई है, लेकिन बढ़ती मरीज संख्या के कारण दबाव अब भी बना हुआ है।
आंकडों के अनुसार दस माह में भर्ती 1,387 मरीजों में से 245 की मृत्यु हुई। नवंबर (175) और जून-अगस्त (154-154) में सबसे अधिक मरीज भर्ती हुए। आईसीयू में बेड बढ़ने के बावजूद बढ़ती जरूरतें यह संकेत दे रही हैं कि अमरावती जिले को और उन्नत स्वास्थ्य ढांचे की तत्काल आवश्यकता है। नवंबर माह में सबसे अधिक 175 मरीज आईसीयू में भर्ती हुए।
| माह | मरीजों की संख्या |
|---|---|
| अप्रैल | 64 |
| मई | 77 |
| जून | 154 |
| अगस्त | 154 |
| सितंबर | 145 |
| अक्टूबर | 150 |
| नवंबर | 175 |
| दिसंबर | 147 |
| जनवरी | 148 |
| विवरण | संख्या / जानकारी |
| कुल भर्ती मरीज (अप्रैल 25 – जन 26) | 1,387 |
| कुल मृत्यु | 245 |
| सर्वाधिक भर्ती (नवंबर) | 175 मरीज |
| वर्तमान बेड संख्या | 18 |
| प्रस्तावित CCU क्षमता | 50 बेड |
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जिला शल्य चिकित्सक विनोद पवार ने बताया की पहले आईसीयू में केवल 6 बेड थे, जिन्हें बढ़ाकर 18 कर दिया गया है। हालांकि 20 बेड करने की योजना थी, लेकिन स्थान की कमी के कारण फिलहाल 18 बेड ही उपलब्ध कराए जा सके है। भविष्य में 50 बेड का सीसीयू स्थापित करने की योजना है। ताकि गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।