चावल (सौ. फ्रीपिक)
Winter Tips: सर्दियों का मौसम आते ही हमारी खान-पान की आदतें सेहत को सीधे प्रभावित करने लगती हैं। चावल प्रेमियों के लिए यह खबर चौंकाने वाली हो सकती है कि कड़ाके की ठंड में रात के वक्त चावल खाना गले और फेफड़ों में संक्रमण का कारण बन सकता है। आयुर्वेद और डॉक्टर इसके पीछे की खास वजह बताते हैं।
भारत में चावल एक मुख्य आहार है लेकिन मौसम बदलने के साथ इसे खाने का समय भी आपकी सेहत तय करता है। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों के मौसम में रात के समय चावल का सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं को न्योता दे सकता है।
चावल की तासीर स्वाभाविक रूप से ठंडी होती है। जब हम सर्दियों की सर्द रातों में इसका सेवन करते हैं तो यह शरीर के तापमान को असंतुलित कर सकता है। इससे शरीर में कफ दोष बढ़ जाता है। रात के समय पाचन तंत्र धीमा होता है और भारी या ठंडी तासीर वाली चीजें शरीर में बलगम के निर्माण को तेज कर देती हैं।
जिन लोगों को पहले से अस्थमा, साइनस या ब्रोंकाइटिस की समस्या है उनके लिए रात में चावल खाना ट्रिगर का काम कर सकता है। इससे फेफड़ों में कफ जम सकता है।
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चावल खाने से शरीर में नमी बढ़ती है जिससे गले में संक्रमण और बंद नाक की समस्या आम हो जाती है।
रात में शारीरिक गतिविधियां कम होती हैं जिससे चावल को पचाना मुश्किल हो जाता है और सुबह उठने पर भारीपन महसूस हो सकता है।
अगर आप चावल के शौकीन हैं तो इसे पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। इसके लिए आप सर्दियों में चावल खाने का समय बदल सकते हैं। दोपहर के समय चावल खाना बहुत सही रहेगा। इस समय शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है और सूरज की गर्मी ठंडक को बेअसर करती है।
कभी भी ठंडे या बासी चावल न खाएं। हमेशा ताजे बने गर्म चावलों का ही सेवन करें। जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्या से बचा जा सके। चावल बनाते समय उसमें लौंग, काली मिर्च या तेजपत्ता जैसे गर्म मसाले डालें। इससे चावल की ठंडक कम होती है।
डॉक्टरों का मानना है कि सर्दियों में रात के भोजन में दलिया, खिचड़ी (बिना दही के) या बाजरे जैसी गर्म तासीर वाली चीजों को शामिल करना चाहिए। यदि चावल खाना ही है तो उसे कम मात्रा में और सोने से कम से कम 3-4 घंटे पहले खाएं।