खतरनाक है बेजुबानों का ये प्यार! आखिर क्या है Sepsis इंफेक्शन जो खून को बना देता है जहर

Sepsis From Dog Lick: पालतू जानवरों से प्यार करना आम बात है लेकिन कई बार छोटी-सी लापरवाही गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है। सेप्सिस एक खतरनाक इंफेक्शन है जो शरीर में फैलकर खून को संक्रमित कर सकता है।
Sepsis Infection Risk From Animals
पालतू जानवर के साथ व्यक्ति और मरीज की जांच करते डॉक्टर (सौ. एआई)
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Sepsis Warning Signs: आजकल हर कोई अपने घर पर पेट्स रखना पसंद करता है। लोग अपने पालतू जानवरों के साथ सोते हैं, खाते हैं और उन्हें खूब प्यार करते हैं। वहीं पालतू जानवर अपने तरीके से इंसानों को प्यार जताते हैं। पालतू जानवरों में से एक कुत्ता अपनी जीभ से चाटते हुए प्यार के भाव को दर्शाता है। लेकिन यह प्यार किसी व्यक्ति की जान का दुश्मन भी बन सकता है यह शायद ही कोई सोच सकता है।

दरअसल ब्रिटेन की एक 52 साल की महिला मनजीत संघा के साथ एक ऐसी घटना हुई है कि जिसे देखकर पूरी दुनिया चौंक गई है। उनके सिर्फ एक छोटे से घाव पर कुत्ते के चाटने से उन्हें ऐसा संक्रमण हुआ कि डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए हाथ पैर काटने पड़े।

डॉक्टरों के अनुसार मनजीत को सेप्सिस नाम का घातक संक्रमण हुआ था। इलाज के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी आया। इस संक्रमण को रोकने के लिए डॉक्टरों के पास उनके दोनों हाथ और घुटनों के नीचे के दोनों पैर को काटने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं था।

कुत्ते की लार में छिपा अदृश्य दुश्मन

जांच में सामने आया कि मनजीत के शरीर पर एक मामूली खरोंच थी जिसे उनके पालतू कुत्ते ने चाट लिया था। कुत्तों की लार में कैपनोसाइटोफैगा कैनीमोरस (Capnocytophaga Canimorsus) नाम का बैक्टीरिया होता है। सामान्यतः यह नुकसानदायक नहीं होता लेकिन अगर यह किसी घाव के जरिए सीधे इंसान के खून में पहुंच जाए तो यह सेप्सिस पैदा कर देता है।

क्या है सेप्सिस

सेप्सिस कोई साधारण बीमारी नहीं बल्कि संक्रमण के प्रति शरीर की एक अति-प्रतिक्रिया है। इसमें हमारा इम्यून सिस्टम इन्फेक्शन से लड़ने के बजाय अपने ही स्वस्थ अंगों और ऊतकों पर हमला करने लगता है। इससे पूरे शरीर में सूजन आ जाती है ब्लड प्रेशर तेजी से गिरता है और अंगों को ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाता है जिसे सेप्टिक शॉक कहते हैं।

इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज

  • सेप्सिस के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे लग सकते हैं लेकिन इन्हें पहचानना जरूरी है।
  • तेज बुखार या शरीर का बहुत ठंडा पड़ जाना।
  • सांस लेने में तकलीफ और दिल की धड़कन तेज होना।
  • त्वचा पर गहरे लाल या नीले धब्बे पड़ना।
  • पेशाब में कमी और अत्यधिक कमजोरी।

बचाव के उपाय

डॉक्टरों की सलाह है कि अगर आपकी त्वचा पर कोई कट, घाव या खरोंच है तो पालतू जानवर को उस जगह कभी न चाटने दें। किसी भी चोट को तुरंत एंटीसेप्टिक से साफ करें और उसे ढक कर रखें। पालतू जानवरों के साथ खेलने के बाद हाथ धोना और स्वच्छता बनाए रखना आपको इस साइलेंट किलर से बचा सकता है।

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