सूर्य नमस्कार करती महिला (सौ. फ्रीपिक)
Surya Namaskar Benefits: घर और बाहर की दोहरी जिम्मेदारी निभाने वाली महिलाओं के लिए खुद का ख्याल रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और योग गुरुओं के अनुसार रोजाना मात्र 10-15 मिनट का सूर्य नमस्कार महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो शरीर के साथ-साथ मन को भी संतुलित करता है।
आजकल हर दूसरी महिला पीसीओडी (PCOD), थायराइड या अनियमित पीरियड्स जैसी समस्याओं से परेशान है। सूर्य नमस्कार शरीर की एंडोक्राइन ग्रंथियों (जैसे थायराइड और पैंक्रियाज) पर सकारात्मक दबाव बनाता है। इसके 12 आसनों के दौरान होने वाला खिंचाव रक्त प्रवाह को बेहतर करता है जिससे हार्मोनल ग्राफ धीरे-धीरे संतुलित होने लगता है। नियमित अभ्यास से मेटाबॉलिज्म सुधरता है जो वजन घटाने और मासिक धर्म चक्र को पटरी पर लाने में सहायक है।
सिर्फ शरीर ही नहीं सूर्य नमस्कार मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी स्ट्रेस बस्टर है। हर आसन के साथ गहरी सांस लेने की प्रक्रिया मन को शांत करती है और चिंता (Anxiety) को कम करती है। आजकल की डिजिटल लाइफ में अनिद्रा एक बड़ी समस्या है। सूर्य नमस्कार शरीर की थकान को सही तरीके से रिलीज करता है और दिमाग को रिलैक्स मोड में लाता है जिससे रात में गहरी और सुकून भरी नींद आती है।
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घंटों डेस्क जॉब या घर के काम करने से पीठ और गर्दन में दर्द आम है। सूर्य नमस्कार रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और मांसपेशियों को मजबूती देता है। जब आपका शरीर सही पॉश्चर में आता है तो आपकी पर्सनालिटी निखरती है और आत्मविश्वास अपने आप बढ़ जाता है।
इस सुपर-वर्कआउट की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी महंगे जिम या उपकरण की जरूरत नहीं है।
समय: सुबह खाली पेट करना सबसे उत्तम है लेकिन समय न मिलने पर शाम को भी किया जा सकता है।
राउंड: शुरुआत 4 से 6 राउंड से करें और धीरे-धीरे क्षमता अनुसार बढ़ाएं।
सावधानी: अगर आपको स्लिप डिस्क या गंभीर पीठ दर्द है तो विशेषज्ञ की सलाह के बिना इसे शुरू न करें।
सूर्य नमस्कार केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है। यदि आप इसे अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बनाती हैं तो 15 दिनों के भीतर आप खुद में ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार महसूस करेंगी।