Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

पेट की जलन और बदहजमी का परमानेंट इलाज! गर्मियों में चबाएं ये 5 हरी पत्तियां, बीमारियां रहेंगी कोसों दूर

Health Tips: गर्मियों में पेट की जलन और बदहजमी की समस्या आम हो जाती है जिससे दिनभर असहजता बनी रहती है। ऐसे में कुछ खास हरी पत्तियों का सेवन शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।

  • Written By: प्रीति शर्मा
Updated On: Mar 23, 2026 | 07:30 AM

ताजी हरी पत्तियां (सौ. फ्रीपिक)

Follow Us
Close
Follow Us:

Ayurvedic Leaves Benefits: भीषण गर्मी की शुरुआत होते ही शरीर में ब्लड प्रेशर, मुंहासे और पाचन जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। जहां आधुनिक चिकित्सा तुरंत राहत देती है वहीं आयुर्वेद इन रोगों को जड़ से मिटाने की शक्ति रखता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसी चमत्कारी पत्तियों के बारे में जो आपको गर्मियों में भी फौलाद जैसा मजबूत रखेंगी।

भारत में प्राचीन काल से ही जड़ी-बूटियों का विशेष महत्व रहा है। आयुर्वेद न केवल बीमारियों का इलाज करता है बल्कि यह भी सिखाता है कि रोगों को खुद से दूर कैसे रखा जाए। गर्मियों के मौसम में शरीर को डिटॉक्स करने और बीमारियों से बचाने के लिए ये पत्तियां किसी सुपरफूड से कम नहीं हैं।

नीम के पत्ते

नीम की पत्तियां अपने एंटी-बैक्टीरियल और रक्त शोधक गुणों के लिए जानी जाती हैं। गर्मियों में होने वाले फोड़े-फुंसी, मुंहासे और एलर्जी को दूर करने में यह सबसे कारगर है। शुगर और बुखार के मरीजों के लिए भी नीम की कोमल पत्तियों को चबाना या इनका जूस पीना बेहद फायदेमंद होता है।

सम्बंधित ख़बरें

Navratri 2026: मां स्कंदमाता को खुश करना है तो आज पहनें ये एक खास रंग, पूरी होगी हर मनोकामना!

नवरात्रि पर दिखना है खास तो ट्राई करें ये लेटेस्ट हरी चूड़ियों के डिजाइन्स, जानें स्टाइल करने का तरीका

सिर्फ 15 मिनट में पाएं पार्लर जैसा ग्लो! शहतूत के इन 3 पैक से मिलेगी बेदाग और निखरी त्वचा, आज ही आजमाएं

Navratri Special: नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता को लगाएं उनकी पसंदीदा चीज का भोग, बरसेगी असीम कृपा

सहजन के पत्ते

सहजन के पत्ते स्वाद में कड़वे नहीं होते, लेकिन सेहत के लिए कमाल के हैं। शरीर में खून की कमी, कमजोरी और पाचन की सुस्ती को दूर करने के लिए सहजन की पत्तियों का सूप या जूस पिएं। यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी मदद करता है।

शीशम के पत्ते

शीशम की पत्तियां महिलाओं के स्वास्थ्य, विशेषकर गर्भाशय संबंधी समस्याओं के लिए दवा की तरह काम करती हैं। अनियमित मासिक धर्म या सफेद पानी की समस्या में इन पत्तों को मिश्री के साथ पीसकर सुबह खाली पेट पीना रामबाण इलाज माना जाता है।

यह भी पढ़ें:- Navratri Special: नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता को लगाएं उनकी पसंदीदा चीज का भोग, बरसेगी असीम कृपा

बरगद के पत्ते

त्वचा रोगों और फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए बरगद के पत्तों का सेवन बहुत लाभकारी है। इन पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और त्वचा अंदर से साफ होती है।

पीपल के पत्ते

आयुर्वेद में पीपल के पत्तों को महत्वपूर्ण औषधि माना गया है। पथरी और सिस्ट जैसी जटिल समस्याओं में पीपल के पत्तों का रस पीने की सलाह दी जाती है। यह शरीर को अंदरूनी रूप से हील करने में मदद करता है।

आयुर्वेद की ये औषधियां बेहद प्रभावशाली हैं लेकिन इनका सेवन शुरू करने से पहले एक बार किसी कुशल चिकित्सक या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Stomach burning indigestion permanent remedies eat these 5 green leaves in summer

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 23, 2026 | 07:30 AM

Topics:  

  • Health News
  • Health Tips
  • Lifestyle News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.