डॉक्टर से सलाह लेते हुए मरीज (सौ. एआई)
Health Tips: स्वस्थ रहने के लिए वजन को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। आजकल लोग वजन घटाने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाते हैं सख्त डाइट फॉलो करते हैं और योग का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या हो अगर आपका वजन बिना किसी मेहनत, एक्सरसाइज या डाइटिंग के अपने आप कम होने लगे।
चिकित्सा विज्ञान में इसे अनएक्सप्लेंड वेट लॉस (Unexplained Weight Loss) कहा जाता है जो किसी बड़ी शारीरिक समस्या का प्रारंभिक संकेत हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर 6 से 12 महीने के भीतर आपके शरीर का कुल वजन 5% से अधिक कम हो गया है तो इसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।
जानकारी के अनुसार हमारा वजन शरीर के मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल संतुलन पर निर्भर करता है। जब शरीर के अंदरूनी अंग सही तरीके से काम नहीं करते तो वे ऊर्जा के लिए शरीर में जमा फैट और मसल्स को तेजी से जलाने लगते हैं। आइए जानते हैं वे कौन सी बीमारियां हैं जो वजन गिरने का कारण बन सकती है।
थायराइड ग्रंथि हमारे मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। जब यह ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है, तो इसे ‘हाइपरथायरायडिज्म’ कहते हैं। इसमें मेटाबॉलिज्म इतना तेज हो जाता है कि इंसान को खूब भूख लगती है, वह खाना भी ठीक से खाता है, फिर भी उसका वजन तेजी से गिरने लगता है। इसके साथ ही घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना और पसीना आने जैसे लक्षण भी दिखते हैं।
डायबिटीज के मरीजों में वजन कम होना एक सामान्य लेकिन गंभीर लक्षण है। जब शरीर में पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनता, तो कोशिकाएं खून से ग्लूकोज (ऊर्जा) नहीं ले पातीं। ऐसे में शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों और फैट को जलाना शुरू कर देता है। इसके अलावा, अत्यधिक यूरिन के जरिए ग्लूकोज और कैलोरी शरीर से बाहर निकल जाती है, जिससे व्यक्ति अचानक दुबला होने लगता है।
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कैंसर कोशिकाएं शरीर की सामान्य ऊर्जा का बहुत अधिक उपयोग करती हैं। इससे शरीर का मेटाबॉलिक रेट बढ़ जाता है और कैलोरी तेजी से खर्च होने लगती है। कैंसर के कारण अक्सर भूख कम हो जाती है और शरीर के पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता प्रभावित होती है। बिना कारण वजन कम होना पेट, अग्न्याशय या फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य का सीधा असर हमारे पाचन तंत्र और भूख पर पड़ता है। अत्यधिक तनाव या डिप्रेशन की स्थिति में शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। कई लोग तनाव में खाना कम कर देते हैं या उनका शरीर पोषक तत्वों को सही ढंग से एब्जॉर्ब नहीं कर पाता जिससे वजन गिरने लगता है।
अल्कोहल, सिगरेट या नशीली दवाओं का अधिक सेवन करने वाले लोग अक्सर संतुलित आहार नहीं लेते। नशा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है जिससे शरीर बीमारियों का घर बन जाता है और वजन तेजी से घटने लगता है।
अचानक वजन कम होना महज एक इत्तेफाक नहीं बल्कि शरीर द्वारा दिया गया एक अलार्म है। यदि आप भी ऐसी स्थिति का सामना कर रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ब्लड टेस्ट, थायराइड प्रोफाइल या जरूरी स्क्रीनिंग करवाएं। सही समय पर पहचान ही बड़ी बीमारी से बचाव का एकमात्र रास्ता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।