शिवलिंग चढ़ा बेलपत्र (सौ.सोशल मीडिया)
Mahashivratri Vrat 2026: महाशिवरात्रि 2026 का व्रत 15 फरवरी को रखा जाएगा। इस दिन शिव भक्त पूरे दिन और रात भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं और शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। कुछ लोग पूजा के बाद चढ़ा हुआ बेलपत्र प्रसाद के रूप में ग्रहण भी करते हैं। मान्यता है कि शिवलिंग पढ़ा हुआ बेलपत्र खाने से कई रोग दूर हो जाते हैं।
आयुर्वेद एक्सपर्ट्स के अनुसार, बेल ऐसा पेड़ है जिसका फल, पत्ते और तने का इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है। बेलपत्र को सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसके पत्ते और फल दोनों का इस्तेमाल कई बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है।
बेलपत्र खाने से पेट की समस्याएं दूर होती हैं। बेल के पत्तों से बना काढ़ा कब्ज की समस्या को दूर भगाने में मदद करता है। बेलपत्र चबाकर खाने से गैस एसिडिटी की समस्या कम होती है। बेल के पत्तों में मौजूद फाइबर पेट साफ करता है।
बेलपत्र में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो हार्ट को बीमारियों से बचा सकते हैं। रोजाना कुछ बेलपत्र खाने से दिल को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
बेलपत्र का इस्तेमाल खांसी को ठीक करने के लिए भी किया जाता है। इसे खाने से कफ निकल जाता है और खांसी में आराम मिलता है। सांस लेने में राहत मिलती है।
बेल के पत्ते का पाउडर बनाकर इसे नारियल के तेल में मिलाकर लगाने से बालों की ग्रोथ अच्छी होती है। इस तेल से सिर की मालिश करना बालों के विकास को बढ़ावा देता है। इससे बालों को पोषण मिलता है।
बेल के फल में निकलने वाले गूदे का इस्तेमाल फेस पैक के रूप में किया जाता है। बेल में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो सूजन को घटाने में मदद करता है। इसका इस्तेमाल फोड़े या बिलनी को सही करने के लिए भी किया जाता है।
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बेलपत्र को आप ऐसे पत्तों की चरह चबाकर खा सकते हैं। पत्तों को खाने से पहले साफ पानी से धो लें। आप चाहें तो बेलपत्र की चाय या काढ़ा बना कर भी पी सकते हैं। कुछ लोग बेलपत्र को शहद के साथ मिलाकर भी खाते हैं।