हरे और काले अंगूर (सौ. एआई)
Health Benefits of Grapes: बदलते मौसम में प्रकृति ने हमें अंगूर जैसा अनमोल उपहार दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हरा अंगूर सिर्फ प्यास बुझाता है जबकि काला अंगूर किसी औषधि से कम नहीं है।
फरवरी और मार्च का यह महीना अपनी गुनगुनी धूप और हल्की गर्मी के साथ आता है। इस मौसम में शरीर को शीतलता की तलाश होती है। बाजार में इन दिनों अंगूरों की बहार है। लेकिन अक्सर ग्राहक इस उलझन में रहते हैं कि हरा अंगूर खरीदें या काला। आइए जानते हैं आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान इस बारे में क्या कहता है।
आयुर्वेद के अनुसार हरा अंगूर स्वाद में मधुर और तासीर में ठंडा होता है। यदि आप एसिडिटी, पेट में जलन या शरीर में पानी की कमी से परेशान हैं तो हरा अंगूर आपके लिए वरदान है। यह शरीर में जल-संतुलन बनाए रखता है और लू के खतरों से बचाता है। पाचन में हल्का होने के कारण यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी सुरक्षित माना जाता है।
विज्ञान और आयुर्वेद दोनों ही काले अंगूर को हरे की तुलना में अधिक पौष्टिक मानते हैं। इसके गहरे रंग के पीछे इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी व ई का हाथ है।
काले और हरे अंगूर (सौ. फ्रीपिक)
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यदि आप केवल ताजगी और ठंडक चाहते हैं तो हरा अंगूर चुनें। लेकिन यदि आप अपनी इम्युनिटी बढ़ाना, खून की कमी दूर करना और चमकती त्वचा चाहते हैं तो काले अंगूर का पलड़ा भारी है। अंगूर को हमेशा अच्छी तरह धोकर ही खाएं ताकि कीटनाशकों का असर खत्म हो सके।