शरीर के लिए हेल्दी होता है हरा मैग्नीशियम (सौ.सोशल मीडिया)
Benefits of Green Magnesium: सर्दियों का मौसम चल रहा है वहीं पर इस मौसम में सेहत का ख्याल ज्यादा जरूरी हो जाता है। इन दिनों सेहत के लिए ग्रीन वेपन यानि हरे हथियार के रूप में मैग्नीशियम की पूर्ति शरीर में करना जरूरी होती है। हाल ही में रिसर्च बताती है कि, हरा मेग्नीशियम या क्लोरोफिल का सेवन हमारे शरीर में ऊर्जा, नींद और मानसिक संतुलन के लिए बेहद जरूरी भूमिका निभाता है।
इसे एक पोषक तत्व के रूप में स्वास्थ्य विशेषज्ञ ‘भूला हुआ मिनरल’ कह रहे हैं। ये बिसराया हुआ खनिज ‘मैग्नीशियम’ है। इस मैग्नीशियम की पूर्ति करना सेहत के लिए जरूरी हो जाता है।
इसे लेकर अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन की 2025 की स्टडी के अनुसार माना गया है कि, दुनिया की लगभग 70 फीसदी आबादी में मैग्नीशियम का स्तर सामान्य से कम है। इसकी कमी के सबसे बड़े कारण जंक या फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड और काम या निजी तनाव से जुड़ी दिनचर्या होती है। इस तरह की कमी का असर व्यक्ति के शरीर पर पड़ता है। थकान, अनिद्रा, ब्लड शुगर असंतुलन और यहां तक कि एंग्जायटी की ओर ले जाती है। बताया जाता है कि मैग्नीशियम शरीर की 300 से ज्यादा बायोकेमिकल क्रियाओं में शामिल एक खास तरह का पोषक तत्व है।
यह हरा मैग्नीशियम क्लोरिफिल से जुड़ा होता है। यह शरीर की अधिक धीरे और संतुलित रूप से अवशोषित करने का काम करता है। इसे कहे तो, यह एक तरह का ‘सस्टेनेबल मिनरल’ में से एक होता है।
बताया जाता है कि, शरीर में हरा मैग्नीशियम पालक, मेथी, सहजन की पत्तियां, चुकंदर के पत्ते, मटर, एवोकाडो और सूरजमुखी के बीज से मिलता है। इसे लेकर यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो की 2024 की एक स्टडी के अनुसार पाया गया है कि, जो लोग रोजाना हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करते है उन्हें फायदा मिलता है। हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने से ब्लड शुगर स्पाइक 25 फीसदी तक कम और स्लीप क्वालिटी 30 फीसदी बेहतर होती है। बताया जाता है कि, मेंटल हेल्थ को बेहतर बनानेके लिए हरी मैग्नीशियम की डाइट बेहतर होता है। क्लोरोफिल और मैग्नीशियम दोनों से मिलकर ‘गामा-एमिनोब्यूटिरिक एसिड (जीएबीए)’ नामक न्यूरोट्रांसमीटर को सक्रिय करते हैं, जो तनाव और चिंता को कम करने का काम करते है। इसे न्यूट्रिशनिस्ट ‘नेचुरल रिलैक्सर’ कहते हैं।
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यहां पर शरीर की मजबूती के लिए फिटनेस एक्सपर्ट ग्रीन स्मूदी रूटीन अपनाने की बात करते है। इस ग्रीन स्मूदी रूटीन में सुबह पालक, कीवी, नींबू और फ्लैक्स सीड से बनी ड्रिंक का सेवन कर सकते है। इस हेल्दी स्मूदी का सेवन करने से शरीर में एनर्जी लेवल बढ़ता है तो वहीं पर ब्लड शुगर लेवल संतुलित होता है। आयुर्वेद में इसे विशेषज्ञ हरी तासीर वाली एनर्जी कहते है। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि सप्लीमेंट्स की बजाय प्राकृतिक स्रोतों से मैग्नीशियम लेना बेहतर है। अत्यधिक सप्लीमेंट सेवन से शरीर में मिनरल असंतुलन या डायरिया जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। बताया जाता है कि, डब्ल्यूएचओ की न्यूट्रिशन गाइडलाइन (2025) भी कहती है, “हर दिन की जरूरत का 70–80 फीसदी पोषण भोजन से ही पूरा होना चाहिए, न कि कैप्सूल से।” अच्छी सेहत के लिए कुल मिलाकर हरा मैग्नीशियम अच्छा होता है।
आईएएनएस के अनुसार