अर्धचक्रासन करते हुए (सौ. फ्रीपिक)
Health Tips: खराब जीवनशैली और घंटों कुर्सी पर बैठने की आदत ने आज हर दूसरे व्यक्ति को कमर दर्द और मोटापे का शिकार बना दिया है। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा (MDNIY) के विशेषज्ञों के अनुसार अर्धचक्रासन एक ऐसा सरल योगासन है जो न केवल वजन घटाता है बल्कि सांस के मरीजों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है।
योग की दुनिया में अर्धचक्रासन जिसे हाफ व्हील पोज भी कहा जाता है शुरुआती स्तर के लोगों के लिए सबसे प्रभावी आसनों में से एक है। यदि आप जिम जाने का समय नहीं निकाल पा रहे हैं तो घर पर किया गया यह छोटा सा अभ्यास आपकी सेहत बदल सकता है।
अर्धचक्रासन (सौ. फ्रीपिक)
इस योगासन को करने से शरीर लचीला बनता है और कई सारी समस्या दूर रहती हैं। इसे आप नियमित रुप से रूटीन में शामिल कर सकते हैं। आइए, जानते हैं इसे करने से शरीर में क्या बदलाव आते हैं।
यह छाती को फैलाता है जिससे फेफड़ों को अधिक ऑक्सीजन मिलती है। यह अस्थमा और सांस के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
इस योगासन के नियमित अभ्यास से ऊपरी पीठ और पेट के आसपास की अतिरिक्त चर्बी घटने लगती है।
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यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है जिससे पीठ दर्द, सर्वाइकल और कंधों की जकड़न से राहत मिलती है।
यह आसन तनाव और चिंता को कम कर मानसिक शांति प्रदान करता है।
इससे थायराइड और पिट्यूटरी ग्रंथियां सक्रिय रहती हैं जिससे हार्मोनल संतुलन बना रहता है।
यदि आपको गंभीर माइग्रेन, हाई ब्लड प्रेशर या चक्कर आने की समस्या है तो इसे न करें। इसके अलावा, स्लिप डिस्क, हालिया सर्जरी या गर्भावस्था के दौरान बिना डॉक्टरी सलाह के इस आसन का अभ्यास वर्जित है। स्वस्थ रहने के लिए महंगे सप्लीमेंट्स से बेहतर है कि आप अपनी दिनचर्या में अर्धचक्रासन जैसे योग को शामिल करें। मात्र 10 दिनों के नियमित अभ्यास से आप अपने शरीर की ऊर्जा और लचीलेपन में बड़ा बदलाव महसूस करेंगे।