स्प्राउट्स (सौ.सोशल मीडिया)
Sprouts Side Effects: सेहत के लिए स्प्राउट्स यानी कि अंकुरित अनाज का सेवन करना कितना फायदेमंद हैं ये किसी को बताने की जरूरत बिल्कुल नहीं है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, स्प्राउट्स सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं।
इनमें चने और मूंग के स्प्राउट्स सबसे ज्यादा पॉपुलर हैं, क्योंकि ये पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसलिए लोग चने या मूंग के स्प्राउट्स को ब्रेकफास्ट या स्नैक्स में शामिल करते हैं।
स्प्राउट्स पोषक तत्वों का पावर हाउस हैं जो कई तरह की बीमारियों को दूर करता हैं। जिनका कोलेस्ट्रोल या शुगर बढ़ा हुआ रहता हो। जिन्हें वजन कम करना है या जिन्हें ग्लोइंग और हेल्दी स्किन और बाल चाहिए वो लोग स्प्राउट्स का सेवन करते हैं।
इसमें मौजूद फाइबर कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं को कम करता है।
कम कैलोरी और उच्च प्रोटीन-फाइबर होने के कारण, यह पेट को देर तक भरा रखते हैं और वजन कम करने में मदद करते हैं।
विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स की मौजूदगी के कारण, यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही ‘सुपरफूड’ कुछ खास शारीरिक स्थितियों में शरीर के लिए ‘स्लो पॉइजन’ (धीमा जहर) का काम कर सकता है?
स्प्राउट्स में उच्च फाइबर और प्रोटीन होता है, जिसे पचाना कमजोर पेट के लिए मुश्किल हो सकता है, जिससे गैस और ब्लोटिंग (पेट फूलना) हो सकती है।
कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग, जैसे कि बीमार या बुजुर्ग व्यक्ति, संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों को कच्चे स्प्राउट्स से दूर रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बैक्टीरिया से संक्रमण का जोखिम सबसे ज्यादा होता है।
कुछ स्प्राउट्स, जैसे ब्रोकली और काबुली चना, में गोइट्रोजन होते हैं, जो थायराइड की समस्या को बढ़ा सकते हैं।
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स्प्राउट्स में ऑक्सलेट होता है, जो किडनी स्टोन की समस्या वाले लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है।
कच्चे स्प्राउट्स के बजाय, उन्हें अच्छी तरह पकाकर (steam या sauté) खाना बेहतर और सुरक्षित होता है, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया मर जाते हैं।