Health Tips: त्योहारों के सीजन और बदलते मौसम में बढ़ गई है सर्दी-खांसी? रसोई की ये 4 चीजें हैं असली इलाज
Cold and Cough Remedies: बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण का असर सबसे पहले हमारी सांस और गले पर पड़ता है जिससे सर्दी-खांसी, गले में खराश और बंद नाक जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
- Written By: प्रीति शर्मा
खांसी से परेशान महिला (सौ. फ्रीपिक)
Home Remedies for Cough: चारों ओर त्योहार की रौनक है लेकिन बदलता मौसम और धूल-धुआं आपकी सेहत बिगाड़ सकते हैं। अगर आपको भी गले में खराश या सूखी खांसी परेशान कर रही है तो डॉक्टर के पास भागने से पहले अपनी रसोई में छिपे इन जादुई समाधानों को आजमाएं।
त्योहारों का सीजन अपने साथ खुशियां तो लाता है लेकिन इस समय होने वाला मौसम में बदलाव, ठंडी हवाएं और बढ़ता प्रदूषण सेहत के लिए चुनौती बन जाता है। अक्सर लोग भीड़-भाड़ और भागदौड़ में शुरुआती सर्दी-खांसी को नजरअंदाज कर देते हैं जो बाद में गंभीर संक्रमण का रूप ले लेती है। नेशनल हेल्थ मिशन ने भी लोगों को सचेत किया है कि लक्षणों को पहचानें और समय पर देखभाल शुरू करें।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर आपको सूखी खांसी, गले में लगातार चुभन, छाती में भारीपन या बलगम की शिकायत हो रही है तो समझ लीजिए कि आपके शरीर को तत्काल उपचार की जरूरत है। त्योहारों के समय मिठाइयों और ठंडे खान-पान से यह समस्या और बढ़ सकती है।
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मुलेठी और लौंग का कमाल
अगर आपकी खांसी सूखी है और गला छिल गया है तो मुलेठी का छोटा टुकड़ा या लौंग मुंह में रखकर चबाएं। मुलेठी गले की झिल्ली को नरम करती है जबकि लौंग के एंटी-बैक्टीरियल तेल संक्रमण को खत्म करते हैं।
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हल्दी वाला दूध
रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पीना रामबाण इलाज है। हल्दी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण न केवल इम्युनिटी बढ़ाते हैं बल्कि रात में खांसी के कारण खराब होने वाली नींद को भी सुधारते हैं।
अदरक-तुलसी का काढ़ा
अदरक की तासीर गर्म होती है जो जमे हुए बलगम को पिघलाने में मदद करती है। अदरक, तुलसी और शहद का मिश्रण सांस की नलियों को साफ करता है और गले को तुरंत सुकून देता है।
नमक के पानी के गरारे
यह सबसे पुराना और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तरीका है। गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करने से गले की सूजन कम होती है और हानिकारक बैक्टीरिया मर जाते हैं।
त्योहार मनाते समय हाइड्रेटेड रहें और बहुत ज्यादा ठंडी चीजों से परहेज करें। यदि घरेलू उपायों के बाद भी 3-4 दिनों तक राहत न मिले या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
