च्युइंग गम (सौ.सोशल मीडिया)
Chewing Gum: अच्छी सेहत के लिए खानपान भी सही होना जरूरी होता है इसमें ही चीनी का कम सेवन करने की सलाह अक्सर डॉक्टर देते रहते है। युवाओं में च्यूइंग का सेवन सबसे ज्यादा होता है। आर्टिफिशियल स्वीटनर वाली चीनी च्युंगम के अंदर होती है। इसका फायदा दांतों में सड़न को रोकने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा च्युइंग में शामिल अन्य पदार्थ एस्पार्टेम कैंसर जैसी बीमारी को बढ़ावा दे सकता है।
च्युइंग गम में चीनी की मात्रा काफी होती है जो शरीर की हड्डियों को कमजोर कर सकती है। यहां पर हम जानते है कि, क्या सच में च्युइंग चबाने से शरीर में कैल्शियम का लेवल कम होता है।
च्युइंग गम चबाने से कैल्शियम की कमी के कारण की जानकारी मिलती है। च्युइंग चबाने से कैल्शियम की मात्रा कम नहीं होती है बल्कि इसे चबाने से मुंह में काफी मात्रा में लार बनता है। इस च्युइंग के खाने से बनी लार में लार में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और फॉस्फेट होता है जो दांतों की सड़न को रोकने और इनेमल को मजबूत बनाने में मदद करता है।
इसके अलावा लार में मौजूद कैल्शियम और फॉस्फेट डीमिनरलाइज्ड इनेमल पर जमा हो सकते हैं, इससे डीमिनरलाइज्ड होता है. कुछ च्युइंग गम में कैल्शियम के स्रोत जैसे कैल्शियम साइट्रेट, कैल्शियम लैक्टेट या कैल्शियम ट्राइफॉस्फेट होते हैं, जो कैल्शियम की पूर्ति करने में मदद कर सकते हैं।
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शरीर में च्युइंग गम के खाने से होने वाले बुरे असर को कम करने के लिए आपको इसे चबाने के समय के बारे में जान लेना चाहिए। आप इसे प्रतिदिन 15 मिनट से कम समय तक चबा सकते हैं और चीनी रहित गम का उपयोग कर सकते हैं. यदि आपको TMJ है, तो आपको च्युइंग गम से पूरी तरह बचना चाहिए।