डायबिटीज की जांच करते हुए तस्वीर (सौ. फ्रीपिक)
Health Tips: आज के दौर में डायबिटीज (मधुमेह) एक ऐसी गंभीर समस्या बन चुकी है जो न केवल बुजुर्गों बल्कि युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रही है। यह बीमारी शरीर में धीमे जहर की तरह काम करती है। यह हृदय, किडनी व आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इलाज से बेहतर बचाव है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने इसी उद्देश्य से 7A फॉर्मूला साझा किया है जो आपकी आदतों में सुधार कर डायबिटीज के जोखिम को न्यूनतम कर सकता है।
सेहत का राज आपकी थाली में छिपा है। जंक फूड, प्रोसेस्ड मीट और अत्यधिक तले-भुने खाने से तौबा करें। घर पर बना सादा और संतुलित भोजन ही आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
फाइबर से भरपूर आहार ब्लड शुगर को स्थिर रखने में सहायक होता है। अपने दैनिक आहार में कम से कम 2-3 मौसमी फल और हरी सब्जियों को शामिल करें। यह वजन को नियंत्रित रखने में भी मदद करता है।
मोटापा डायबिटीज का सबसे बड़ा निमंत्रण है। अपने बीएमआई (BMI) को सामान्य स्तर पर रखें। वजन में मामूली कमी भी आपके इंसुलिन लेवल में बड़ा सुधार ला सकती है।
आलस्य को छोड़कर और रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें। इसमें पैदल चलना, योग, साइकिलिंग या डांस शामिल हो सकता है। शारीरिक श्रम से शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है।
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मीठा खाना ही डायबिटीज का इकलौता कारण नहीं है लेकिन यह सबसे बड़ा कारक है। कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाइयों और कृत्रिम मिठास वाले पेय पदार्थों से दूर रहें। फलों की प्राकृतिक मिठास ही आपके लिए पर्याप्त है।
तंबाकू और शराब न केवल फेफड़ों और लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि ये मेटाबॉलिज्म बिगाड़कर डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। इनसे पूरी तरह परहेज करना ही समझदारी है।
सावधानी ही सुरक्षा है। साल में कम से कम एक बार ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर कराएं। बीमारी का शुरुआती स्तर पर पता चलना इसे आसानी से नियंत्रित करने में मदद करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार डायबिटीज से लड़ना कोई महंगा सौदा नहीं है बल्कि यह अनुशासन का मामला है। यदि आपकी उम्र 40 से अधिक है या परिवार में शुगर का इतिहास है तो आज ही इस 7A फॉर्मूले को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं।