रात में भूख लगने पर खाना खाते व्यक्ति (सौ. फ्रीपिक)
Midnight Hunger Causes: अक्सर हम दिन भर अपनी डाइट पर कंट्रोल रखते हैं लेकिन आधी रात होते ही फ्रिज की ओर कदम बढ़ने लगते हैं। बिस्किट, नूडल्स या चिप्स खाकर हम उस छोटी भूख को शांत तो कर लेते हैं लेकिन विज्ञान की भाषा में यह एक गंभीर समस्या है जो आपके मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ सकती है।
भोजन शरीर को ऊर्जा देता है लेकिन जब भोजन का समय गलत हो जाए तो वही ऊर्जा बीमारी का कारण बन सकती है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में मिडनाइट स्नैकिंग का चलन बढ़ा है। बहुत कम लोग जानते हैं कि रात में अचानक लगने वाली इस भूख को चिकित्सा विज्ञान में नाइट ईटिंग सिंड्रोम कहा जाता है।
यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति दिन में तो अपनी डाइट पर नियंत्रण रखता है लेकिन सूरज ढलने के बाद उसकी भूख बेकाबू हो जाती है। कई बार लोग नींद से जागकर खाने लगते हैं। यह न केवल खराब जीवनशैली को दर्शाता है बल्कि धीरे-धीरे आपके शरीर को अंदर से कमजोर और पाचन तंत्र को सुस्त कर देता है।
हमारा शरीर प्रकृति के चक्र के साथ चलता है। रात का समय शरीर की मरम्मत और आराम के लिए होता है। देर रात तक जागने से शरीर की अग्नि असंतुलित हो जाती है। जब हम इस समय भोजन करते हैं तो पाचन तंत्र को दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है जिससे वजन बढ़ना, सुबह उठने पर भारीपन और नींद में खलल जैसी समस्याएं पैदा होती हैं।
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कोशिश करें कि रात का खाना सूरज ढलने के आसपास या उससे पहले ही खा लें। रात का भोजन हल्का और सुपाच्य होना चाहिए। तली-भुनी चीजों से परहेज करें क्योंकि इन्हें पचाना शरीर के लिए सबसे कठिन होता है।
अगर रात में भूख महसूस हो तो भारी स्नैक्स के बजाय एक गिलास गुनगुना दूध पिएं। दूध न केवल पेट को तृप्त करता है बल्कि मन और मस्तिष्क को शांत कर गहरी नींद लाने में भी सहायक होता है।
सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल फोन से दूरी बना लें। फोन की ब्लू लाइट नींद उड़ा देती है जिससे शरीर को ऊर्जा की कमी महसूस होती है और मन खाने की ओर भागता है।
आधी रात की भूख आपके स्वास्थ्य के बिगड़ने का पहला संकेत हो सकती है। अपनी दिनचर्या में छोटे बदलाव करके आप न केवल इस सिंड्रोम से बच सकते हैं बल्कि खुद को लंबे समय तक ऊर्जावान और फिट भी रख सकते हैं।