

Cold Hands and Feet Causes: अक्सर लोग हाथ-पैर ठंडे होने की समस्या को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह स्थिति आपके शरीर के भीतर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती अलार्म हो सकती है। जानकारी के अनुसार हाथ और पैरों का लगातार ठंडा या सुन्न रहना शरीर की आंतरिक कमजोरी और बिगड़ते ब्लड सर्कुलेशन का सीधा इशारा है।
हैरानी की बात यह है कि कई लोगों को यह समस्या चिलचिलाती गर्मियों में भी होती है। जब बाहर का तापमान 40 डिग्री के पार हो और आपके हाथ-पैर बर्फ जैसे ठंडे महसूस हों तो यह समझ लेना चाहिए कि शरीर का थर्मोस्टेट और सर्कुलेशन सिस्टम सही ढंग से काम नहीं कर रहा है।
हमारे शरीर में रक्त का संचार केवल ऑक्सीजन पहुंचाना ही नहीं बल्कि शरीर के तापमान को बनाए रखना भी है। जब हृदय से निकलने वाला रक्त हाथ और पैर की उंगलियों तक सही मात्रा में नहीं पहुंच पाता तो वे हिस्से ठंडे पड़ने लगते हैं। इसके पीछे खराब पाचन भी एक बड़ी वजह है। यदि पाचन सही नहीं है तो शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है और अंगों तक गर्मी नहीं पहुंचती।
मानसिक तनाव और शारीरिक कमजोरी नसों के कामकाज को प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक इस लक्षण को अनदेखा करने पर यह रेनॉड्स रोग का रूप ले सकता है। इस स्थिति में रक्त वाहिकाएं जरूरत से ज्यादा सिकुड़ जाती हैं जिससे रक्त का प्रवाह लगभग बाधित हो जाता है। इसके अलावा यह वैरिकोज वेन्स जैसी दर्दनाक समस्या को भी जन्म दे सकता है।
हाथ-पैर ठंडे रहने का एक मुख्य कारण शरीर में आयरन और विटामिन B12 की भारी कमी भी हो सकता है। आयरन की कमी से एनीमिया होता है जिससे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण कम हो जाता है और अंगों तक ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित होती है।
हाथ-पैर का ठंडा होना महज एक लक्षण नहीं बल्कि शरीर द्वारा भेजे गए संकेत हो सकते हैं। यदि यह समस्या लगातार बनी हुई है तो घरेलू नुस्खों के साथ-साथ डॉक्टर से परामर्श करना अनिवार्य है।