ब्रेन फॉग को न करें नजरअंदाज, हो सकता है दिल की बीमारी का शुरुआती संकेत, जानिए वजह
Brain Fog Problem: ब्रेन फॉग सिर्फ मानसिक थकान नहीं, दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है। जानिए दिमाग और दिल के बीच इस बीमारी में क्या संबंध रहता है।, इसके पीछे के वैज्ञानिक कारण और कब जांच करानी चाहिए।
- Written By: दीपिका पाल
ब्रेन फ्रॉग की समस्या (सौ. सोशल मीडिया)
Brain Fog Heart Health Warning: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का सही तरह से ख्याल रख पाना आसान नहीं होता है। इस जिंदगी में थकान, तनाव और भूलने की आदत हर किसी को परेशानी में डाल सकती है। इन समस्याओं की वजह से मानसिक थकान होती है तो वहीं पर किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। यहां पर दिल की बीमारी के लक्षण शरीर में बदलाव ही नहीं बार‑बार ध्यान भटकना, नाम भूलना या दिमाग का भारी लगना सिर्फ दिमाग की कमजोरी नहीं, बल्कि दिल की बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है।
हार्ट डिजीज हमेशा सीने में दर्द या सांस फूलने के जरिए ही सामने नहीं आती। कई बार यह धीरे‑धीरे दिमाग के लक्षणों के जरिए सामने आती है। यह बीमारी का आमतौर पर नाम ब्रेन फॉग होता है इसका असर दिल पर पड़ता है।
जानिए क्या होता है ब्रेन फॉग
यहां पर ब्रेन फॉग की बात की जाए तो, यह वह हालत होती है जो आपके दिमाग पर असर करती है। इस स्वास्थ्य समस्या में आपको चीजें याद नहीं रहतीं, सोचने में दिक्कत होती है, और आप खुद को थोड़ा सुस्त महसूस करते हैं। इसके अलावा अक्सर लोग इसे उम्र बढ़ने या तनाव का कारण मानकर नजरअंदाज कर देते है लेकिन यह अच्छा नहीं होता है।
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कहते है कि, दिल और दिमाग के बीच गहरा संबंध होता है जब दिल सही से काम करता है, तो दिमाग भी सही ढंग से काम करता है और जब दिल कमजोर होता है, तो दिमाग भी थक जाता है। यही वजह है कि ब्रेन फॉग सिर्फ दिमाग की समस्या नहीं, बल्कि दिल की बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। इसे पहचानना, जांच कराना और समय पर इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है।
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दिल और दिमाग पर क्या होता है असर
यहां पर डॉक्टर का कहना है कि, इस तरह की बीमारी केवल सतही कमजोरी नहीं बल्कि कई बार दिमाग तक पहुंचने वाले ब्लड सर्कुलेशन की कमी के कारण होती है। इस समस्या में जब दिल ठीक से ब्लड पंप नहीं करता, तो दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता, जिससे मेमोरी, फोकस, और सोचने‑समझने की क्षमता प्रभावित होती है।
इसके अलावा जनरल ऑफ सेरेब्रल ब्लड फ्लो एंड मेटाबॉलिज्म में 2024 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, दिल की हल्की कमजोरी भी दिमाग तक ब्लड फ्लो घटा सकती है। इसका असर सीधे याददाश्त, ध्यान और सोचने-समझने की क्षमता पर पड़ता है। अगर आप अक्सर भूलते हैं, ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते या सोचने में सुस्ती महसूस करते हैं, तो यह सिर्फ दिमाग की समस्या नहीं, बल्कि दिल की चेतावनी भी हो सकती है।
ऐसे में अपने दिल की जांच कराएं। छोटे‑छोटे बदलाव जैसे ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट या ब्लड फ्लो का निरीक्षण करना आपके लिए बड़े फायदे ला सकता है।
आईएएनएस के अनुसार
