हार्ट सर्जरी (सौ. फ्रीपिक)
Heart Surgery Research: चिकित्सा विज्ञान में अब तक सर्जरी की सफलता सर्जक के कौशल और तकनीक पर टिकी मानी जाती थी लेकिन अब इसमें समय का कारक भी जुड़ गया है। जर्नल एनेस्थीसिया में प्रकाशित एक चौंकाने वाली स्टडी के अनुसार दोपहर के समय की गई हार्ट सर्जरी सुबह की गई सर्जरी की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रभावी साबित हो सकती है।
यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन में हुई 90,000 से अधिक हार्ट सर्जरी के विशाल डेटासेट का बारीकी से अध्ययन किया। रिपोर्ट में पाया गया कि सुबह जल्दी (7 से 10 बजे) की तुलना में सुबह 10 से 12 बजे के बीच होने वाली सर्जरी में हृदय संबंधी मृत्यु का खतरा 18 प्रतिशत तक अधिक हो सकता है। इसके विपरीत, दोपहर या शाम के समय किए गए ऑपरेशनों में हार्ट फेलियर या मायोकार्डियल इंफार्क्शन जैसी जटिलताएं काफी कम देखी गईं।
स्टडी में यह भी सामने आया कि दोपहर या शाम की सर्जरी में मरीजों को कम जटिलताएं हुईं जैसे कि हार्ट फेलियर या मायोकार्डियल इंफार्क्शन। शोधकर्ताओं का मानना है कि बॉडी क्लॉक (सर्कैडियन रिदम) और हार्ट टिशू की रिकवरी क्षमता समय के साथ बदलती है जिससे दोपहर की सर्जरी ज्यादा सुरक्षित साबित हो सकती है। हालांकि कुछ अन्य स्टडीज में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया।
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दोपहर के समय को इसलिए सही माना गया क्योंकि कुछ लोगों की बॉडी क्लॉक उन्हें सुबह जल्दी उठने वाला बनाती है और कुछ को रात में जागने वाला बनाती है।
हालांकि कॉम्प्लिकेशन रेट और दोबारा भर्ती होने पर दिन के समय का कोई असर नहीं पड़ा, फिर भी नतीजे हार्ट सर्जरी शेड्यूल करने के सबसे अच्छे समय के बारे में सवाल खड़े करते हैं।
जर्नल एनेस्थीसिया में छपी यह स्टडी में यह खुलासा हुआ है कि पूरी सर्जरी पर बॉडी क्लॉक हमारे सेल्स और अंगों में मौजूद 24 घंटे के बायोलॉजिकल साइकिल का एक सेट के संभावित असर के बारे में भी एक जरूरी जानकारी देती है।
मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में क्लिनिकल सीनियर लेक्चरर और मुख्य लेखक डॉ. गैरेथ किचन ने कहा कि यह रिसर्च दिखाती है कि जब हार्ट सर्जरी सुबह देर से शुरू होती है तो दिल से जुड़ी मौत का खतरा थोड़ा ज्यादा होता है। टाइमिंग से जुड़े नतीजों में छोटे-मोटे सुधार भी मरीजों के लिए काफी फायदेमंद हो सकते हैं।
किचन ने कहा कि लोगों के बीच बॉडी क्लॉक बायोलॉजी कैसे अलग-अलग होती है इसकी ज्यादा समझ के साथ मरीजों की व्यक्तिगत स्थिति और अन्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाना चाहिए।