लगातार खांसी से सीने में है जकड़न? आजमाएं ये 5 आयुर्वेदिक नुस्खे, तुरंत मिलेगा आराम
Ayurvedic Treatment for Cough: आजकल बदलते मौसम, प्रदूषण और कमजोर इम्युनिटी के कारण लगातार खांसी और सीने में जकड़न की समस्या आम हो गई है। अगर समय रहते इसका सही इलाज न किया जाए तो परेशानी बढ़ सकती है।
- Written By: प्रीति शर्मा
लगातार खांसी से परेशान मरीज (सौ. एआई)
Home Remedies for Cough: सर्दियों के दस्तक देते ही खांसी और जुकाम की समस्या घर-घर में देखने को मिलती है। लेकिन जब यह खांसी हफ्तों तक पीछा न छोड़े तो यह केवल मौसमी बीमारी नहीं बल्कि सांस की सेहत के लिए खतरा बन सकती है। लगातार बलगम बनना, सीने में दर्द और गले की खराश आपकी रातों की नींद उड़ा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं के साथ-साथ अगर हम आयुर्वेद उपाय अपनाएं तो न केवल खांसी ठीक होती है बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। अगर खांसी ज्यादा नहीं है तो घरले उपाय काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
सूखी और बलगम वाली खांसी में अंतर
सूखी खांसी: इसमें बलगम नहीं आता लेकिन गले में लगातार खुजली और जलन बनी रहती है।
सम्बंधित ख़बरें
क्या आप भी एसिडिटी में पीते हैं Eno? ज्यादा इस्तेमाल से बढ़ सकता है स्वास्थ्य जोखिम
Sugarcane Juice Benefits: खाली पेट गन्ने का जूस पीना सेहत के लिए ठीक है या नहीं? ज़रूर पढ़ें
Kharbuja Seeds Benefits: खरबूजे के बीज खाने के फायदे जानकर हो जाएंगे हैरान, आज़मा कर भी देखिए
गर्मी के मौसम में अपराजिता पौधे को सूखने से कैसे बचाएं? यहां जानिए असरदार नुस्खे, फूलों से भर जाएगा पौधा
बलगम वाली खांसी: इसमें छाती भारी लगती है और खांसने पर कफ निकलता है। इन दोनों ही स्थितियों में लापरवाही सांस की नली में सूजन पैदा कर सकती है।
यह भी पढ़ें:- शरीर में इस विटामिन की कमी से भी कांपते हैं हाथ, बुढ़ापा समझकर इसे न करें इग्नोर
सूखी खांसी के लिए उपाय
अगर आप सूखी खांसी से परेशान हैं तो आयुर्वेद में मुलेठी और लौंग को सबसे कारगर माना गया है। मुलेठी का एक छोटा टुकड़ा मुंह में रखकर चूसने से गले की खुजली तुरंत शांत होती है। इसके अलावा वासा के पत्तों का पाउडर या काढ़ा कफ को संतुलित करने में अद्भुत काम करता है। रात को सोते समय एक गिलास गर्म हल्दी वाला दूध पीना एंटी-बायोटिक की तरह काम करता है।
बलगम और जकड़न के लिए उपाय
बलगम वाली खांसी में छाती की जकड़न को कम करने के लिए अदरक और तुलसी का काढ़ा सबसे बेहतर है। उसमें थोड़ा शहद मिलाकर पीने से जमा हुआ कफ पतला होकर बाहर निकल जाता है। साथ ही दिन में दो बार गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करना और भाप लेना फेफड़ों के मार्ग को साफ करता है।
अदरक, इलायची और लौंग का मिश्रण पाउडर के रूप में लेने से पाचन और श्वसन तंत्र दोनों सुधरते हैं। हालांकि ये उपाय बेहद सुरक्षित हैं लेकिन यदि खांसी के साथ बुखार, सांस फूलना या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
