

नवभारत डिजिटल डेस्क: मई महीने की शुरूआत हो गई है इस मौसम में तापमान का स्तर सबसे तेज हो जाता है। गर्म हवाएं चलने की वजह से हीट स्ट्रोक और हार्ट अटैक के मामलों में इजाफा हो जाता है। इस मौसम में स्वस्थ रहने के लिए हेल्थ एक्सपर्ट भरपूर पानी पीने और पौष्टिक आहार लेने की सलाह देते है। गर्मी में लापरवाही बरतनी नहीं चाहिए। अस्थमा, अक्सर सर्दियों में होने वाली बीमारी है लेकिन इस बीमारी के मामले गर्मियों में भी गंभीर हो जाते है। हीटवेव के प्रकोप के कारण अस्थमा रोगियों की सेहत को नुकसान होने का खतरा बढ़ता है। गर्मियों में अस्थमा रोगी अपनी सेहत का किस तरह से ख्याल रखें इसे लेकर हेल्थ एक्सपर्ट ने जानकारी दी है। प्रदूषण की वजह से भी अस्थमा रोगियों की सेहत प्रभावित करती है।
यहां पर हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार जाने तो, अस्थमा के मामलों के बढ़ने का कारण हीटवेव होता है। अस्थमा की बीमारी के बढ़ने का कारण हीटवेव होने के साथ ही बढ़ता वायु प्रदूषण भी है। कहते हैं कि, गर्मी में अस्थमा के लक्षण एक्टिव हो जाते है इसके लिए रोगियों को अपनी सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है। एक्सपर्ट यह भी बताते है कि, गर्म और शुष्क हवा के प्रभाव की वजह से सांस लेने में दिक्कत और शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है। गर्मी की वजह से ब्रोन्कोस्पास्म या वायुमार्ग की मांसपेशियों में अचानक संकुचन हो सकता है। डिहाइड्रेशन, गर्मी का एक और आम दुष्प्रभाव है, जो फेफड़ों में बलगम को गाढ़ा कर सकता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है।
अस्थमा बीमारी से बचने के लिए गर्मी के मौसम में अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए आपको कई बातों का ख्याल रखना चाहिए जो इस प्रकार है...
1- गर्मी के मौसम में तापमान का लेवल ज्यादा होता है इसके लिए दोपहर के समय घर से बाहर नहीं निकलें और देर शाम को तापमान कम होने पर ही अपने काम निपटाएं।
2- गर्मी में इनडोर जगहों पर तापमान को ठंडा रखने के लिए पर्दे का इस्तेमाल करना चाहिए।
3- गर्मी के मौसम में घर के अंदर के तापमान को ठंडा रखने के उपाय खोजने चाहिए। इसके लिए आप एयर कंडीशनर और पंखे का इस्तेमाल करें। गर्मियों में प्रदूषण और धूल-मिट्टी बढ़ जाती है इसके लिए आपको एयर प्यूरीफायर लगाना चाहिए।
4- अस्थमा रोगियों को गर्मियों में अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए दवाओं और इलाज को लेकर एक्सपर्ट से जांच करवाना चाहिए।यदि आवश्यक हो तो खुराक या दवाएँ बदलें ताकि आप अधिक गंभीर स्थितियों के लिए खुद को तैयार कर सकें।
5-गर्मियों के मौसम में आपको पौष्टिक आहार लेने के अलावा व्यायाम को भी अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाना चाहिए। नाक और मुँह पर हल्का सा सूती स्कार्फ़ पहनना चाहिए इससे सुरक्षा रहती है वहीं पर अस्थमा रोगियों को मास्क पहनना चाहिए।
6-प्रदूषण की वजह से अस्थमा रोगियों की सेहत प्रभावित होती है क्योंकि धूल और मिट्टी के कण सांस लेने की वजह से शरीर में प्रवेश कर जाते है औऱ सेहत को नुकसान पहुंचाते है।
7- गर्मियों के मौसम में आपको भरपूर मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए नहीं तो डिहाइड्रेशन की वजह से बलगम गाढ़ा हो जाएगा जो सही नहीं है अस्थमा रोगियों की सेहत के लिए।