पेट की जलन और खट्टी डकारों से 5 मिनट में पाएं राहत! महंगी दवाई नहीं किचन की ये 3 चीजें दिखाएंगी कमाल
Stomach Burning Relief: पेट में जलन और खट्टी डकारों की समस्या आजकल आम हो गई है, जो गलत खानपान और लाइफस्टाइल के कारण बढ़ सकती है। बार-बार दवाइयों लेने के बजाय आप कुछ आसान घरेलू उपाय अपना सकते हैं।
- Written By: प्रीति शर्मा
पेट में जलन होने की तस्वीर (सौ. फ्रीपिक)
Home Remedies Acidity: भागदौड़ भरी जिंदगी और बाहर का तला-भुना खाना आज एसिडिटी को घर-घर की कहानी बना चुका है। जिसे हम मामूली जलन समझकर नजरअंदाज करते हैं वह आगे चलकर गंभीर अल्सर का रूप ले सकती है। लेकिन घबराएं नहीं आपके किचन में ही मौजूद अदरक, तुलसी और पुदीना किसी जादू से कम नहीं हैं।
देर रात तक जागना, स्ट्रेस और अनियमित खानपान के कारण हमारे पेट में एसिड का संतुलन बिगड़ जाता है। इसका नतीजा होता है सीने में असहज जलन, खट्टी डकारें और पेट का फूलना। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हर बार एंटासिड गोलियां खाना समाधान नहीं है बल्कि प्राकृतिक उपचार ही इसे जड़ से खत्म कर सकते हैं।
अदरक
अदरक केवल स्वाद के लिए नहीं बल्कि पाचन के लिए एक शक्तिशाली औषधि है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट की अंदरूनी सूजन को कम करते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Healthy Habits: बारिश के मौसम में बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा, स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये 5 जरूरी आदतें
30 के बाद किडनी और लिवर को अंदर से साफ रखने का ‘देसी राज’! डॉक्टर ने बताए 5 फूड्स के बारें में
मोगरे में नहीं आ रहे फूल? एक्सपर्ट के ये आसान सीक्रेट अपनाएं, कुछ ही दिनों में कलियों से लद जाएगा पौधा
मुस्कान ही आधी दवा है! सर्वे में खुलासा- मरीजों की रिकवरी में वरदान साबित होता है डॉक्टरों का अच्छा बर्ताव
यह पेट की मांसपेशियों को रिलैक्स करता है जिससे एसिड ऊपर की तरफ नहीं आता। सुबह खाली पेट अदरक का एक छोटा टुकड़ा शहद के साथ चबाएं या इसकी हर्बल चाय पिएं। यह पाचन तंत्र को रिसेट कर देता है।
तुलसी
तुलसी को आयुर्वेद में औषधियों की रानी कहा गया है। इसके पत्तों में एंटी-अल्सर गुण होते हैं जो पेट की परत को एसिड के हमले से बचाते हैं।
यह भी पढ़ें:- बालों के लिए वरदान है एलोवेरा; बस गर्मियों में आजमाएं ये 3 नुस्खे, सिर्फ 15 दिनों में दिखने लगेगा असर!
तुलसी का सेवन शरीर में म्यूकस के उत्पादन को बढ़ाता है जो पेट में एसिड के प्रभाव को बेअसर कर देता है। खाना खाने के बाद 4-5 तुलसी के पत्ते चबाना या तुलसी का काढ़ा पीना गैस और भारीपन को तुरंत कम करता है।
पुदीना
अगर पेट में आग जैसी जलन महसूस हो रही है तो पुदीना सबसे बेहतर विकल्प है। इसकी तासीर ठंडी होती है जो पित्त दोष को नियंत्रित करती है।
विज्ञान कहता है कि पुदीना लोअर इसोफेजियल स्फिंक्टर को रिलैक्स करने में मदद करता है जिससे फंसी हुई गैस आसानी से बाहर निकल जाती है और पेट दर्द में आराम मिलता है। पुदीने की ताजी पत्तियों का पानी या छाछ में पुदीना डालकर पीना एसिडिटी को मिनटों में शांत कर देता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन घरेलू उपायों के साथ-साथ पर्याप्त पानी पीना और रात का खाना सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खाना अनिवार्य है। अगर आप बार-बार होने वाली एसिडिटी से परेशान हैं तो ये तीन प्राकृतिक उपाय आपको दवाइयों के बोझ से आजादी दिला सकते हैं।
