शाम को अचानक हिला कच्छ, जमीन कांपी लेकिन खैरियत रही; जानें कितना भयानक था भूकंप
गुजरात के कच्छ में शाम 6:55 बजे 3.4 तीव्रता का भूकंप आया, इसका केंद्र भचाऊ से 12 किमी दूर था। जानकारी के अनुसार जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। विशेषज्ञों ने कहा कि भविष्य के लिए पहले से तैयार रहना जरूरी है।
- Written By: सौरभ शर्मा
गुजरात के कच्छ में भूकंप (कांसेप्ट फोटो- सोशल मीडिया)
गांधीनगर: गुजरात के कच्छ जिले में बुधवार की शाम उस वक्त हलचल मच गई जब धरती अचानक कांपने लगी। रिक्टर स्केल पर 3.4 तीव्रता का यह भूकंप शाम करीब 6 बजकर 55 मिनट पर महसूस किया गया। इसका केंद्र भचाऊ से 12 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व में स्थित था। हालांकि झटके महसूस किए जाने के बावजूद किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। इससे पहले भी यह इलाका कई बार भूकंप की चपेट में आ चुका है और इसे बेहद संवेदनशील माना जाता है।
कच्छ जिला भारत के उन इलाकों में शामिल है जिसे भूगर्भीय दृष्टि से बहुत उच्च जोखिम वाले भूकंपीय क्षेत्रों में रखा गया है। वर्ष 2001 में यहां आए भयंकर भूकंप की तबाही आज भी लोगों के जहन में ताजा है, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई थी। हालांकि इस बार आए हल्के झटके से किसी तरह की क्षति नहीं हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह भूकंप टेक्टॉनिक मूवमेंट्स का नतीजा हो सकता है और भविष्य में सजगता जरूरी है।
कब और कहां महसूस हुआ भूकंप
गुजरात के गांधीनगर स्थित भूकंपीय अनुसंधान संस्थान ने जानकारी दी कि यह भूकंप बुधवार की शाम 6:55 बजे दर्ज किया गया। इसका केंद्र कच्छ जिले के भचाऊ क्षेत्र के पास था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 रही, जो कि हल्के स्तर की मानी जाती है। फिलहाल किसी प्रकार के नुकसान की सूचना प्रशासन को नहीं मिली है।
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इलाके की भूकंपीय संवेदनशीलता
कच्छ जिला हमेशा से भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील रहा है। खासतौर से वर्ष 2001 का विनाशकारी भूकंप आज भी इस क्षेत्र के लिए एक चेतावनी की तरह है। भूगर्भीय हलचलों के चलते इस तरह की गतिविधियां यहां समय-समय पर दर्ज की जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इससे निपटने के लिए पहले से तैयार रहना बेहद जरूरी है। बता दें कि आ रही सूचना के अनुसारा जानमाल की अभी तक कोई खबर नहीं है जिम्मेदार अधिकारियों स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
