मणिपुर से इंटरनेशनल मंच तक…कौन हैं ‘बूंग’ के चाइल्ड स्टार गुगुन किपगेन? जिसने 13 साल में रच दिया इतिहास
Boong BAFTA Winner: 79वें बाफ्ता में मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने इतिहास रच दिया। 13 साल के गुगुन किपगेन की कहानी ने लोगों का दिल जीत लिया। ऐसे में चलिए जानते हैं ‘बूंग’ के बारे में।
- Written By: स्नेहा मौर्या
कौन हैं गुगुन किपगेन (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Who is Gugun Kipgen: 79वें ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स यानी बाफ्टा पुरस्कार के मंच पर इस साल भारत के नाम एक खास उपलब्धि दर्ज हुई। 22 फरवरी की रात आयोजित समारोह में पहली बार किसी मणिपुरी फिल्म ने प्रतिष्ठित सम्मान अपने नाम कर इतिहास रच दिया।
दरअसल, यह गौरव हासिल फिल्म ‘बूंग’ ने, जिसे बेस्ट चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में अवॉर्ड मिला। इस फिल्म का निर्माण एक्सेल एंटरटेनमेंट ने किया है, जिसके सह-संस्थापक फरहान अख्तर हैं।
कौन हैं ‘बूंग’ के गुगुन किपगेन?
‘बूंग’ की सफलता के बाद जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है 13 वर्षीय चाइल्ड आर्टिस्ट गुगुन किपगेन। फिल्म में उनकी मासूम लेकिन दमदार परफॉर्मेंस ने दर्शकों और जूरी दोनों को प्रभावित किया। गुगुन मणिपुर की कूकी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता से अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर ली है। मई 2023 के शुरुआती हफ्तों में मणिपुर की वादियों में फिल्म की शूटिंग पूरी हुई थी, और तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह फिल्म इतिहास लिखेगी।
सम्बंधित ख़बरें
थिएटर के बाद अब ओटीटी पर रिलीज होगी Bhooth Bangla, जानें कब और कहां देख पाएंगे अक्षय कुमार की फिल्म
Rashami Desai ने बॉडी शेमिंग पर की बात, महिला का बढ़ाया हौसला, बोलीं- लोग क्या कहेंगे सोचकर मत रुकिए
Sonakshi Sinha ने खोले एक्टिंग से जुड़े कई राज, बोलीं- हर नया किरदार एक नई दुनिया में कदम रखने जैसा होता है
June 2026 Release: जून में सिनेमा का होगा बड़ा धमाका, पेड्डी से वेलकम टू द जंगल तक, रिलीज होंगी ये फिल्में
शूटिंग के बाद बदली जिंदगी
आपको बता दें कि 3 मई 2023 को फिल्म की शूटिंग खत्म हुई, लेकिन उसी दिन मणिपुर में कूकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़क उठी। इस हिंसा ने राज्य को गहरे संकट में डाल दिया। इस मुश्किल दौर की चपेट में गुगुन और उनका परिवार भी आ गया। हालात ऐसे बने कि गुगुन को अपना घर छोड़कर दिल्ली आना पड़ा। फिलहाल वह दिल्ली में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। वह छठी कक्षा के छात्र हैं और इन दिनों परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं।
ग्लोबल स्टार होने के बावजूद चाइल्ड आर्टिस्ट का फोकस पढ़ाई पर है
हालांकि, बाफ्टा पुरस्कार जीतने के बाद गुगुन रातोंरात चर्चा में आ गए हैं, लेकिन वह फिलहाल लाइमलाइट से दूरी बनाकर अपनी शिक्षा पर ध्यान देना चाहते हैं। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाना एक बड़ी बात है, लेकिन गुगुन की प्राथमिकता अभी उनकी पढ़ाई है। सिर्फ इतना ही नहीं, ‘बूंग’ की ऐतिहासिक जीत सिर्फ सिनेमा की सफलता नहीं, बल्कि संघर्ष, उम्मीद और सपनों की कहानी भी है। गुगुन किपगेन आज उन तमाम बच्चों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो मुश्किल हालात के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं।
