'पेड नेगेटिव पीआर' पर भड़कीं सोनल चौहान, बोलीं- किसी को नीचा दिखाकर कोई अच्छा नहीं बन सकता

Sonal Chauhan: अभिनेत्री सोनल चौहान ने बॉलीवुड में 'पेड नेगेटिव पीआर' की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि दूसरों को बुरा दिखाकर कोई खुद अच्छा नहीं बन सकता। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Sonal Chauhan On Negative PR
Sonal Chauhan (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Sonal Chauhan On Negative PR: बॉलीवुड में पेड नेगेटिव पीआर (Paid Negative PR) और सोशल मीडिया ट्रोलिंग इन दिनों एक खतरनाक चलन बन चुका है। कई सितारे इस संगठित नकारात्मकता का शिकार हो रहे हैं। इसी कड़ी में अब अभिनेत्री सोनल चौहान ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोनल ने कड़े शब्दों में इस संस्कृति की आलोचना करते हुए कहा कि किसी दूसरे को नीचा दिखाकर या उसकी छवि खराब करके कोई खुद को बेहतर साबित नहीं कर सकता।

सोनल का मानना है कि मनोरंजन जगत में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा (Competition) होनी चाहिए, जो रचनात्मकता को बढ़ावा दे। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जानबूझकर फैलाई जा रही नकारात्मकता न केवल कलाकारों की मानसिक शांति को भंग करती है, बल्कि उनके वर्षों के कठिन परिश्रम पर भी पानी फेर देती है। सोशल मीडिया के इस दौर में, जहाँ धारणाएं मिनटों में बदलती हैं, वहां इस तरह के कैंपेन किसी के करियर के लिए घातक साबित हो सकते हैं।

Sonal Chauhan Post On Negative PR

सोनल का इंस्टाग्राम पोस्ट: "सपोर्ट करें, माहौल बदलें"

सोनल चौहान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा करते हुए इंडस्ट्री के साथियों और प्रशंसकों से सकारात्मक रहने की अपील की। उन्होंने लिखा, "एक्टर्स के खिलाफ चल रही यह पेड पीआर अब बंद होनी चाहिए। इतनी नफरत और नेगेटिविटी की कोई जरूरत नहीं है। हम एक-दूसरे की सफलता से खुश क्यों नहीं हो सकते? हर कलाकार यहाँ बहुत मेहनत करता है। अगर हम एक-दूसरे को नीचा दिखाने के बजाय सपोर्ट करें, तो इंडस्ट्री का माहौल बहुत बेहतर हो सकता है।"

तारा सुतारिया और यामी गौतम ने भी बयां किया दर्द

सोनल से पहले तारा सुतारिया ने भी हाल ही में खुलासा किया था कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित नेगेटिव पीआर कैंपेन चलाया जा रहा है। तारा ने बताया कि झूठी अफवाहें और लगातार हो रही ट्रोलिंग उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही हैं। वहीं, अभिनेत्री यामी गौतम ने इसे इंडस्ट्री के लिए 'दीमक' करार दिया है। यामी के अनुसार, यह एक तरह की जबरन वसूली है जो धीरे-धीरे रचनात्मकता को खत्म कर रही है। उन्होंने अपील की कि इस जहरीले कल्चर को तुरंत खत्म किया जाना चाहिए।

ऋतिक रोशन का गहरा विश्लेषण: "सच्ची आवाज का नुकसान"

सुपरस्टार ऋतिक रोशन ने इस मुद्दे पर एक अलग और गहरा नजरिया पेश किया है। उन्होंने कहा कि पेड पीआर की वजह से सबसे कीमती चीज जो खो जाती है, वह है पत्रकारों और समीक्षकों की 'सच्ची आवाज'। ऋतिक के अनुसार, जब कलम पैसे के दबाव में बंध जाती है, तो सच्ची राय और असली फीडबैक मिलना बंद हो जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आलोचना रचनात्मक होनी चाहिए, न कि किसी के एजेंडे के तहत प्रायोजित। असली फीडबैक ही कलाकार को बेहतर बनाता है, लेकिन पेड कैंपेन इस पूरी प्रक्रिया को नष्ट कर देते हैं।

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