Shabana Azmi का सौतन बनने पर छलका दर्द, लोग बोलें- औरत के हक पर डाका डाला

शबाना आजमी ने साल 1984 में लेखक जावेद अख्तर से शादी की थी। शबाना से पहले जावेद ने हनी ईरानी से शादी की थी, जिनसे उनके दो बच्चे जोया और फरहान हैं। शबाना से शादी से कुछ समय पहले ही जावेद और हनी का तलाक हो गया था।
Shabana Azmi का सौतन बनने पर छलका दर्द, लोग बोलें- औरत के हक पर डाका डाला
शबाना आजमी (फोटो- सोशल मीडिया)
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मुंबई: बॉलीवुड की सशक्त महिला कलाकारों में शुमार शबाना आजमी ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक बेहद भावुक और आत्मविश्लेषण से भरा बयान दिया है। उन्होंने फिल्मफेयर को दिए गए एक इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने साल 1984 में मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर से शादी की, तो उन्हें नारीवादी विचारों से जुड़ा मानने वाले कई लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा।

शबाना आजमी ने स्वीकार किया कि उस वक्त उनकी छवि एक फेमिनिस्ट मॉडल के रूप में बनी हुई थी, और ऐसे में उनका जावेद अख्तर से विवाह करना, जो पहले से शादीशुदा थे और जिनके दो बच्चे थे, समाज की नजरों में विरोधाभासी लग सकता था। उन्होंने कहा कि ऐसा लगा जैसे मैंने अपनी खुशी के लिए दूसरी औरत के अधिकारों पर डाका डाला।

लेकिन शबाना ने साथ ही यह भी बताया कि उस समय उन्होंने चुप रहना ही बेहतर समझा। उनका मानना था कि अगर वह सफाई देतीं, तो इससे न केवल उन्हें बल्कि हनी ईरानी, जावेद अख्तर और उनके बच्चों को और अधिक मानसिक कष्ट होता। उन्होंने कहा कि चुप रहना एक समझदारी भरा निर्णय था, जिससे बाद में हालात भी शांत हुए। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि शबाना आजमी ने हनी ईरानी के साथ अपने रिश्ते पर भी खुलकर बात की।

शबाना आजमी ने कहा कि उनके और हनी के बीच एक हेल्दी रिलेशनशिप है, जिसका श्रेय न केवल उन्हें बल्कि हनी और जावेद अख्तर को भी जाता है। उन्होंने कहा कि हम तीनों ने एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने से परहेज किया, और यही हमारे रिश्ते की नींव बनी। इस बयान से यह साफ है कि शबाना आजमी केवल एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और समझदार इंसान भी हैं, जो रिश्तों की गहराई को समझती हैं और समाज के फैसलों से ऊपर उठकर अपने निर्णयों की जिम्मेदारी भी उठाती हैं।

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