शतक नाम की फिल्म की हुई घोषणा (सोर्सः सोशल मीडिया)
RSS 100 Years Film: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक बड़ी सिनेमाई पहल की घोषणा की गई है। संघ के ऐतिहासिक और वैचारिक सफर को बड़े पर्दे पर उतारने के लिए फीचर फिल्म ‘शतक’ बनाई जा रही है। यह फिल्म आरएसएस के 1925 में गठन से लेकर आज तक के 100 साल के सफर, उसके सामाजिक योगदान, विचारधारा और संगठनात्मक विकास को दर्शकों के सामने पेश करेगी।
फिल्म ‘शतक’ का निर्देशन आशीष मल्ल कर रहे हैं, जबकि इसके निर्माता वीर कपूर हैं। आशीष तिवारी इस प्रोजेक्ट में को-प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म अदा 360 डिग्री एलएलपी के बैनर तले बनाई जा रही है। मेकर्स के अनुसार, फिल्म इसी साल सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी। इसका उद्देश्य केवल इतिहास को दोहराना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को आरएसएस के सफर, उसके विचार और उसके सामाजिक कार्यों से परिचित कराना है।
मेकर्स का कहना है कि ‘शतक’ में आरएसएस के 100 वर्षों के दौरान आई प्रमुख घटनाओं, चुनौतियों, संघर्षों और उपलब्धियों को सिलसिलेवार तरीके से दिखाया जाएगा। फिल्म में यह भी दर्शाया जाएगा कि कैसे एक छोटे से संगठन के रूप में शुरू हुआ आरएसएस समय के साथ एक विशाल सामाजिक आंदोलन के रूप में विकसित हुआ। इसमें संगठन की शाखाओं, स्वयंसेवकों की भूमिका, सेवा कार्यों और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान को केंद्र में रखा जाएगा।
‘SHATAK’ ANNOUNCED – A FILM ON THE 100-YEAR JOURNEY OF RSS… The Rashtriya Swayamsevak Sangh [#RSS] has completed 100 years, marking a significant milestone in its history. A feature film titled #Shatak: Sangh Ke 100 Varsh has been officially announced… The film is produced… pic.twitter.com/EjBOTt92hn — taran adarsh (@taran_adarsh) January 10, 2026
फिल्म की घोषणा की जानकारी फिल्म ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की। उन्होंने मोशन पोस्टर के साथ लिखा कि ‘शतक’ आरएसएस के शताब्दी वर्ष को समर्पित एक विशेष फिल्म है, जो संगठन के इतिहास का महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित हो सकती है। मोशन पोस्टर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर इस प्रोजेक्ट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में नागपुर में डॉ. केशवराव बलराम हेडगेवार ने की थी। संघ का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना, अनुशासन, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रवाद को बढ़ावा देना रहा है। आरएसएस ने बीते दशकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा राहत और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई है।