20 जनवरी को रची गई थी पूरी प्लानिंग, रोहित शेट्टी फायरिंग केस में क्राइम ब्रांच ने किए बड़े खुलासे
Rohit Shetty Threat: रोहित शेट्टी के घर फायरिंग केस में मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक 20 जनवरी को साजिश रची गई थी। आरोपियों ने रेकी, अवैध हथियारों की सप्लाई की योजना बनाई।
- Written By: सोनाली झा
रोहित शेट्टी (इमेज-सोशल मीडिया)
Rohit Shetty Firing Case: मुंबई में फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की घटना ने न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री बल्कि पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी। अब इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि यह महज एक फायरिंग की घटना नहीं, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश, अवैध हथियारों की सप्लाई और बड़े पैमाने पर फंडिंग का नेटवर्क शामिल है।
पुलिस के अनुसार, 20 जनवरी को आरोपी सिद्धार्थ और समर्थ स्कूटी से पुणे से मुंबई आए थे। उनका मकसद उस स्कूटर को मुंबई पहुंचाना था, जिसका इस्तेमाल फायरिंग करने वाले शूटर को करना था। यह स्कूटर विले पार्ले रेलवे स्टेशन के पास खड़ा किया गया था, ताकि वारदात के बाद आरोपी आसानी से फरार हो सके। जांच में सामने आया है कि मुख्य शूटर, जो बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है, अपने चार-पांच साथियों के साथ मुंबई में रुका था।
शूटर ने की थी कई बार रेकी
फायरिंग से पहले उसने रोहित शेट्टी के घर की तीन से चार बार रेकी की थी। पुलिस का मानना है कि पूरी घटना को अंजाम देने से पहले हर मूवमेंट की बारीकी से योजना बनाई गई थी। क्राइम ब्रांच ने आरोपी स्वप्निल सकट के घर से एक पिस्तौल, तीन मैगजीन और एक एयर गन बरामद की है। जांच में खुलासा हुआ कि ये हथियार मुख्य साजिशकर्ता शुभम रामेश्वर लोनकर के निर्देश पर आरोपी आसाराम फसाले ने स्वप्निल को सौंपे थे।
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फंडिंग और डिजिटल सबूतों की जांच तेज
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का इस्तेमाल पहले किसी अन्य अपराध में तो नहीं किया गया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इस साजिश के लिए फंडिंग का पूरा इंतजाम किया गया था। इन पैसों का इस्तेमाल स्कूटर खरीदने और अन्य लॉजिस्टिक जरूरतों के लिए किया गया। फिलहाल पुलिस बैंक खातों और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है।
फरार शूटर और मास्टरमाइंड की तलाश जारी
इसके अलावा, आरोपी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप ‘सिग्नल’ के जरिए आपस में संपर्क में थे। पकड़े जाने के डर से कुछ आरोपियों ने ऐप डिलीट कर दिया, लेकिन पांचवें आरोपी का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती अभी भी अज्ञात शूटर और फरार मास्टरमाइंड शुभम लोनकर को पकड़ना है। साथ ही, अतिरिक्त हथियारों की बरामदगी और इस साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए जांच लगातार जारी है।
