'फौजी की बेटी हूं', रिया चक्रवर्ती का इमोशनल पोस्ट, बोलीं- मैंने मां को भी आंसू रोकते देखा है…

रिया चक्रवर्ती ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने लिखा कि एक आर्मी ऑफिसर की बेटी होने का मतलब है कि आप जल्दी ही सीख जाती हैं कि प्यार अक्सर दूरी की तरह लगता है, गर्व चुपचाप डर का हाथ थामे रहता है।
'फौजी की बेटी हूं', रिया चक्रवर्ती का इमोशनल पोस्ट, बोलीं- मैंने मां को भी आंसू रोकते देखा है…
रिया चक्रवर्ती (फोटो- सोशल मीडिया)
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मुंबई: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और 'ऑपरेशन सिंदूर' की गूंज के बीच, एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा भावुक पोस्ट लिखा, जिसने लाखों दिलों को छू लिया। रिया कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि एक फौजी की बेटी हैं। उनके पिता, इंद्रजीत चक्रवर्ती, भारतीय सेना में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल रहे हैं और उन्होंने 25 वर्षों तक देश की सेवा की है। यही वजह है कि रिया ने जो लिखा, वो सिर्फ शब्द नहीं थे, वो एक बेटी का अनुभव, एक सैनिक के परिवार का दर्द और एक भारतीय का गर्व था।

रिया ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि मैंने अपने पिता को उनकी वर्दी को दूसरी त्वचा की तरह पहने देखा है, शांत, गर्वित और हर पल तैयार। और मैंने अपनी मां को भी एक सैनिक की तरह आंसू रोकते हुए देखा है। एक फौजी की बेटी होना सिखाता है कि प्यार कभी-कभी दूरी की तरह लगता है और गर्व चुपचाप डर का हाथ थामे रहता है।

रिया चक्रवर्ती की इन पंक्तियों में न सिर्फ एक सैनिक की ड्यूटी झलकती है, बल्कि उस ड्यूटी की कीमत भी, जो परिवार चुकाता है, खामोशी से, बिना शिकायत के। रिया का संदेश सिर्फ उनके अनुभव तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने आगे लिखा कि आज मैं अपने घर में सुरक्षित सोती हूं क्योंकि किसी और के पिता, मां, भाई या बहन सीमा पर खड़े हैं, सीना ताने। हर आर्मी, नेवी और एयरफोर्स परिवार के लिए जो इंतजार कर रहे हैं, दुआ कर रहे हैं, मैं आपको देख सकती हूं, महसूस कर सकती हूं। एक फौजी घर से दूसरे घर तक, प्यार, ताकत और सलाम भेज रही हूं। जय हिंद।

इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों को भावुक कर दिया। कई सैनिक परिवारों ने रिया को धन्यवाद कहा कि उनकी संवेदनशीलता और सहानुभूति के लिए। रिया का यह पोस्ट साबित करता है कि देशभक्ति सिर्फ नारों से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, समझ और सम्मान से भी जताई जा सकती है। जब किसी फौजी की बेटी यूं खुलकर बोलती है, तो यह सिर्फ उनके पिता को गर्व महसूस नहीं कराता, बल्कि हर सैनिक के बलिदान को शब्द देता है।

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