राजेश खन्ना खुद चाहते थे फिल्में फ्लॉप हों, फिर ‘महबूबा’ से लगा झटका और आने लगे आत्महत्या के ख्याल
Rajesh Khanna जो अपने स्टारडम से परेशान थे और चाहते थे कि उनकी फिल्में फ्लॉप हों, उन्हें 1976-77 में 'महबूबा' के फ्लॉप होने से बड़ा झटका लगा। डिप्रेशन के उस दौर में अमिताभ बच्चन का उदय हुआ।
- Written By: अनिल सिंह
Rajesh Khanna Hema Malini (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Rajesh Khanna Flop Films: हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का स्टारडम अद्वितीय था। उन्हें ‘काका’ के नाम से जाना जाता था, और उनके लिए ‘ऊपर आका, नीचे काका’ कहावत मशहूर थी। अभिनेता की दीवानगी ऐसी थी कि लड़कियां उनकी एक झलक पाने के लिए पागल रहती थीं, उनके नाम का सिंदूर लगाती थीं, और उनकी फोटो से शादी तक कर लेती थीं। उन्होंने 3 साल में लगातार 17 हिट फिल्में देकर सफलता की एक नई मिसाल कायम की थी।
जब काका खुद चाहते थे फिल्में फ्लॉप हों
हालांकि, अपने बेमिसाल स्टारडम और फिल्मों की वजह से बढ़ती दीवानगी से राजेश खन्ना इस कदर परेशान हो गए थे कि एक समय ऐसा आया जब वह खुद चाहते थे कि उनकी कुछ फिल्में फ्लॉप हो जाएं ताकि उन्हें थोड़ा सुकून मिल सके।
लेकिन किस्मत ने करवट ली। यासिर उस्मान द्वारा लिखित किताब “द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज फर्स्ट सुपरस्टार” के अनुसार, 1976-77 के समय काका की फिल्में एक के बाद एक फ्लॉप होने लगीं। सिनेमाघर खाली रहने लगे और फिल्में अपनी लागत भी नहीं निकाल पा रही थीं।
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‘महबूबा’ बनी करियर की आपदा, डिप्रेशन में गए अभिनेता
यह दौर राजेश खन्ना के लिए सबसे मुश्किल साबित हुआ, जिससे वह डिप्रेशन में चले गए। किताब के मुताबिक, फ्लॉप फिल्मों के दुख को भुलाने के लिए उन्होंने ड्रिंक करना शुरू कर दिया था। अभिनेता रात के समय अचानक चीखने लगते थे और उनके मन में आत्महत्या के ख्याल आने लगे थे। उन्हें समुद्र में डूबकर अपनी जान देने का विचार आने लगा था।
साल 1976 में हेमा मालिनी के साथ आई उनकी फिल्म ‘महबूबा’ सुपर फ्लॉप रही थी, जिसे उनके करियर की ‘आपदा’ तक कहा गया।
अमिताभ और धर्मेंद्र का हुआ उदय
यही वह समय था जब अमिताभ बच्चन का ‘एंग्री यंग मैन’ का दौर शुरू हो चुका था। 1971 की फिल्म ‘आनंद’ में राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन दोनों थे, लेकिन अमिताभ बच्चन ने अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी।
साल 1976 में ‘बंडल बाज’ और 1977 में ‘अनुरोध’, ‘त्याग’, ‘कर्म’, ‘छैला बाबू’ और ‘चलता पुर्जा’ जैसी राजेश खन्ना की बैक टू बैक पांच फिल्में फ्लॉप हो गई थीं। धीरे-धीरे उन्हें फिल्में मिलना कम हो गया, क्योंकि उस समय तक अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र दोनों ही युवाओं की नई पसंद बन चुके थे।
