
दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा (फोटो-सोशल मीडिया)
Priyanka Chopra Like Controversy: दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की उन गिनी-चुनी एक्ट्रेसेस में शामिल हैं, जिन्होंने न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है। दोनों की प्रोफेशनल जर्नी, ग्लोबल पॉपुलैरिटी और दमदार फैन फॉलोइंग उन्हें अक्सर तुलना के केंद्र में ला देती है। अब एक बार फिर सोशल मीडिया पर दोनों के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसकी वजह बनी है इंस्टाग्राम की एक वायरल रील।
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक कंटेंट क्रिएटर की रील इन दिनों काफी चर्चा में है, जिसमें प्रियंका चोपड़ा की तारीफ करते हुए उनके काम के प्रति समर्पण को ‘असली डेडिकेशन’ बताया गया। रील में कहा गया कि प्रियंका बेहद व्यस्त शेड्यूल के बावजूद सिर्फ 12 घंटे के लिए मुंबई आईं, शूटिंग पूरी की और वापस अमेरिका लौट गईं। वहीं, इसी तुलना में दीपिका पादुकोण के 8 घंटे की शिफ्ट और ट्रैवल कमिटमेंट्स को लेकर सवाल उठाए गए, जिसे कई लोगों ने दीपिका की बुराई के तौर पर देखा।
इस रील ने तब और ज्यादा तूल पकड़ लिया जब खुद प्रियंका चोपड़ा ने इस पोस्ट को लाइक कर दिया। बस यहीं से विवाद शुरू हो गया। दीपिका पादुकोण के फैंस को यह बात नागवार गुजरी और उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रियंका को ट्रोल करना शुरू कर दिया। फैंस का कहना है कि किसी दूसरी महिला कलाकार की आलोचना वाली पोस्ट को लाइक करना गलत संदेश देता है, खासकर तब जब दोनों ही इंडस्ट्री की सफल और सशक्त महिलाएं हैं।
दीपिका के फैंस ने तर्क दिया कि 8 घंटे की शिफ्ट कोई ‘नखरा’ नहीं बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस और मेंटल हेल्थ से जुड़ा मुद्दा है। एक यूजर ने लिखा कि दीपिका पादुकोण अपने परिवार और खुद के लिए समय चाहती हैं, इसमें गलत क्या है? वहीं कुछ लोगों ने कंटेंट क्रिएटर की भाषा को भी अनावश्यक और अपमानजनक बताया। दूसरी ओर, प्रियंका के फैंस का कहना है कि किसी पोस्ट को लाइक करना जरूरी नहीं कि उसके हर शब्द से सहमति हो। उनका मानना है कि प्रियंका चोपड़ा को बेवजह इस विवाद में घसीटा जा रहा है।
हालांकि, प्रियंका या दीपिका में से किसी ने भी इस पूरे मामले पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। कुल मिलाकर, यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर एक छोटा सा ‘लाइक’ भी किस तरह बड़ा विवाद बन सकता है। साथ ही, यह बहस भी छेड़ता है कि क्रिएटिव इंडस्ट्री में काम के घंटे, पर्सनल चॉइस और प्रोफेशनल कमिटमेंट्स को लेकर जजमेंट करना कहां तक सही है।






