Mammootty Padma Bhushan (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Mammootty Padma Bhushan: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक ‘पद्म पुरस्कारों’ की घोषणा कर दी गई है। साल 2026 के इन प्रतिष्ठित सम्मानों की सूची में कला और संस्कृति जगत की कई महान हस्तियों को जगह मिली है। इस वर्ष मलयालम सिनेमा के मेगास्टार ममूटी और असम की प्रसिद्ध लोक गायिका पोकिला लेखथेपी को पद्म भूषण से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।
इस घोषणा के बाद मनोरंजन जगत में जश्न का माहौल है और सोशल मीडिया पर दिग्गजों को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
74 वर्षीय अभिनेता ममूटी के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। पांच दशकों से अधिक के अपने करियर में 400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके ममूटी को उनके उत्कृष्ट कलात्मक योगदान के लिए ‘पद्म भूषण’ के लिए चुना गया है। ममूटी ने इस सम्मान पर आभार जताते हुए कहा कि यह उनके दर्शकों के प्यार और सिनेमा के प्रति उनके समर्पण का फल है। दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज कमल हासन ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि ममूटी जैसे कलाकार इस सम्मान की गरिमा और बढ़ाते हैं।
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असम की 72 वर्षीय लोक गायिका पोकिला लेखथेपी को जब पद्म भूषण की खबर मिली, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने अपनी शुरुआती प्रतिक्रिया में हैरानी जताते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके द्वारा गाए गए मिट्टी के गीतों को इतना बड़ा राष्ट्रीय सम्मान मिलेगा। पोकिला दशकों से लुप्त होती लोक परंपराओं को अपनी आवाज के जरिए जीवित रख रही हैं। उनकी सादगी और संगीत के प्रति निष्ठा ने न केवल असम बल्कि पूरे देश का दिल जीत लिया है।
पुरस्कारों की घोषणा के बाद से ही मोहनलाल, पृथ्वीराज सुकुमारन और फहाद फासिल जैसे कई फिल्मी सितारों ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की है। ममूटी के लिए यह साल दोहरी खुशी लेकर आया है क्योंकि उनकी फिल्म ‘पदयात्रा’ की शूटिंग भी हाल ही में शुरू हुई है। भारत सरकार द्वारा इन पुरस्कारों के जरिए कला के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम करने वाले और सिनेमा को ऊंचाइयों तक ले जाने वाले दोनों ही तरह के व्यक्तित्वों को सम्मानित करने की सराहना की जा रही है।