नायरा बनर्जी ने खोला टीवी इंडस्ट्री का सच, बोलीं- 15 घंटे की शूटिंग से बिगड़ती है हेल्थ

Nyra Banerjee News: नायरा बनर्जी ने हाल ही में टीवी इंडस्ट्री के थकाऊ वर्क कल्चर पर खुलकर बात की। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि 15 घंटे की शूटिंग से सेहत पर बहुत असर पड़ता है।
Nyra Banerjee Share TV Work Culture:
नायरा बनर्जी (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Updated on

Nyra Banerjee Share TV Work Culture: टीवी और फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस नायरा बनर्जी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में टीवी जगत के थकाऊ वर्क कल्चर पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि कैसे 15-15 घंटे तक चलने वाली शूटिंग का सीधा असर कलाकारों की सेहत, नींद और परफॉर्मेंस पर पड़ता है।

दरअसल, नायरा बनर्जी ने बातचीत में कहा कि कलाकार तभी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं जब वो मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ हों। उनके मुताबिक, हफ्ते में एक दिन की छुट्टी या कम से कम आधे दिन का ब्रेक बेहद जरूरी है, ताकि एक्टर्स अपनी निजी जिंदगी, परिवार और खुद के लिए समय निकाल सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना आराम के कोई भी कलाकार अपने किरदार को पूरी ऊर्जा और भावनाओं के साथ निभा ही नहीं सकता है।

अपनी शर्तों पर काम करना चाहती हैं नायरा बनर्जी

एक्ट्रेस ने यह भी साफ कहा कि अगर उन्हें टीवी शो का ऑफर मिलता है तो वह अब केवल अपनी शर्तों पर ही काम करेंगी। नायरा के अनुसार, अगर रोल दमदार हो, लोकेशन पास में हो (जैसे फिल्म सिटी), डायरेक्टर भरोसेमंद हो, चैनल विश्वसनीय हो और मेहनताना ठीक हो, तभी वह प्रोजेक्ट साइन करेंगी।

एक्ट्रेस ने करियर पर कही ये बात

नायरा ने आगे बातचीत में कहा कि वह अपने करियर को लेकर खुद को भाग्यशाली मानती हैं क्योंकि उन्हें कभी किसी एक इमेज में नहीं बांधा गया। हालांकि, उन्होंने टीवी, साउथ इंडियन फिल्मों और वेब सीरीज तीनों प्लेटफॉर्म्स पर काम किया है। इस वजह से उन्हें कभी सिर्फ टीवी या साउथ एक्ट्रेस नहीं कहा गया। नायरा मानती हैं कि हर मीडियम की अपनी अलग ऑडियंस होती है और हर प्लेटफॉर्म पर खुद को साबित करना जरूरी है।

'कंटेंट ही है सबसे बड़ा स्टार'

इसके साथ ही नायरा बनर्जी का कहना है कि उन्हें एक्टिंग से गहरा लगाव है और वह ऐसे प्रोजेक्ट चुनना चाहती हैं जो उन्हें एक कलाकार के तौर पर चुनौती दें। चाहे वह वेब सीरीज, टीवी शो या फिल्म हो, अगर कंटेंट दमदार है और किरदार में गहराई है, तो वह जरूर उस प्रोजेक्ट को करना चाहेंगी। उनका मानना है कि काम की असली ताकत उसकी क्वालिटी होती है, न कि केवल प्लेटफॉर्म।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Navbharat Live
navbharatlive.com