मीना कुमारी (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
मुंबई: मीना कुमारी ने भारतीय सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई थी। वह एक भारतीय अभिनेत्री और कवियत्री थीं, जिन्होंने हिंदी फिल्मों में काम किया। सिर्फ इतना ही नहीं, ‘ट्रेजडी क्वीन’ के नाम से मशहूर उन्हें भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बेहतरीन और महान अभिनेत्रियों में से एक माना जाता है। बाल अभिनेत्री से बड़े होने तक के 33 साल के करियर में, कुमारी ने 90 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया।
साथ ही कुमारी ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री श्रेणी में चार फिल्मफेयर पुरस्कार जीते थे। लेकिन सबके दिलों में जगह बनाने वाली मीना कुमारी अब इस दुनिया में नहीं हैं। अभिनेत्री ने आज ही दिन यानी 31 मार्च 1972 को दुनिया को अलविदा कह दिया था और उनका जन्म 1 अगस्त 1933 को हुआ था।हालांकि, अपने आखिरी समय में उन्होंने आखिरी बार कमाल अमरोही का नाम लिया था और वह फिर कोमा में चली गईं थी, बाद में उनकी मौत हो गई।
आपको बता दें कि मीना की आखिरी फिल्म ‘पाकीजा’ थी और फिल्म की रिलीज के एक महीने बाद उनकी मौत हो गई थी। उन्होंने अपने पति से अलग होने के बाद भी कमाल अमरोही की फिल्म ‘पाकीजा’ का निर्माण जारी रहा। वहीं, मीना कुमारी ने भी अपनी फिल्म की शूटिंग जारी रखी। लेकिन कहा जाता है कि फिल्म ‘पाकीजा’ की रिलीज के तीन हफ्ते बाद, मीना कुमारी गंभीर रूप से बीमार हो गई थीं।
मीना का करियर
अगर उनके करियर की बात करें, तो अशोक कुमार के साथ मीना की जोड़ी को बहुत पसंद किया गया था। मीना कुमारी को उनके बेहतरीन अभिनय के लिए चार बार फिल्मफेयर में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिया गया। मीना अपने समय की सबसे बेहतरी अभिनेत्रियों में से एक थीं. उन्होंने अपने समय में बहुत नाम कमाया था। उनका असली नाम ‘महजबी बानो’ था। कहा जाता है कि बचपन से युवावस्था तक संघर्ष की जिंदगी व्यतीत करने के कारण उन्हें ट्रेजेडी क्वीन की उपाधि दी गई थी।
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मीना को अनाथालय के बाहर छोड़ आए थे पिता
खास बात ये है कि मीना कुमारी के पिता अली बख्श मुस्लिम और मां बंगाली क्रिश्चिन थीं। माता-पिता ने इनका नाम महजबीन रखा था। महजबीन यानी मीना कुमारी के पिता अपनी दूसरी औलाद बेटा चाहते थे, लेकिन उनका जन्म हो गया। जिससे उनके पिता बेहद दुखी थे। मीना के जन्म के बाद माता-पिता के पास डॉक्टर को देने के लिए पैसे नहीं थे, तो वह उनको किसी अनाथालय के बाहर छोड़ आए। लेकिन बाद में पिता का मन नहीं माना तो वह बच्ची को वापस गोद में उठा लाए।