'मेरे देश की धरती' से 'मेरा रंग दे बसंती चोला' तक, मनोज कुमार के गीतों के बिना अधूरा है स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस

Manoj Kumar Patriotic Films And Song: मनोज कुमार ने 87 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कहा। उनकी देशभक्ति फिल्मों के गीतों के बिना स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस अधूरा सा लगता है।
Manoj Kumar Patriotic Films And Song Mere Desh Ki Dharti Fron Upkar
मनोज कुमार की देशभक्ति फिल्में और गीत
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Manoj Kumar Patriotic Films And Song: मनोज कुमार ने 87 साल की उम्र में मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में आखरी सांस ली। उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर में दर्जनों कमर्शियल फिल्मों में काम किया। लेकिन देशभक्ति फिल्मों की वजह से उन्होंने दर्शकों के दिल में अपनी जगह बनाई। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के मौके पर 10 भक्ति गीतों में से आठ मनोज कुमार की फिल्मों के होते हैं, इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके देशभक्ति गीतों ने देशवासियों के बीच देशभक्ति की कैसी प्रेरणा जगाई है।

मनोज कुमार की फिल्म उपकार का गाना 'मेरे देश की धरती' हो या फिर शहीद फिल्म का 'मेरा रंग दे बसंती चोला', इन गानों के बिना स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस अधूरा सा लगता है। आइए उनकी देशभक्ति फिल्मों और गीतों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

मनोज कुमार की पहली देशभक्ति फिल्म शहीद

मनोज कुमार ने देश भक्ति फिल्म की शुरुआत 1965 में की थी। साल 1965 में आई उनकी फिल्म शहिद ने लोगों के भीतर देश भक्ति की भावना को जगा दिया था। उसके बाद 1967 में आई फिल्म उपकार भी देशभक्त की भावना से प्रेरित थी। 1970 में आई फिल्म पूरब और पश्चिम ने देशभक्ति की भावना को चरम पर पहुंचा दिया था। 1981 में आई फिल्म क्रांति में भी उन्होंने देश भक्ति का परिचय दिया गया। 1989 में आई फिल्म देशवासी भी देशभक्ति भावना से भरपूर थी।

मनोज कुमार की देशभक्ति फिल्में और गीत

मेरे देश की धरती सोना उगले उगले हीरे मोती (उपकार)

ए वतन ए वतन हमको तेरी कसम (शहिद)

सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है (शहिद)

मेरा रंग दे बसंती चोला (शहिद)

वतन पर मरने वाले जिंदा रहेगा तेरा नाम (शहिद)

पगड़ी संभाल जट्टा पगड़ी संभाल (शहिद)

भारत का रहने वाला हूं भारत के गीत सुनाता हूं (पूरब पश्चिम)

दुल्हन चली (पूरब पश्चिम)

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