Mamta Kulkarni Kinnar Akhada (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Mamta Kulkarni: बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री और अब संन्यास का जीवन बिता रहीं ममता कुलकर्णी एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। हाल ही में महामंडलेश्वरों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दिए गए तीखे बयानों के चलते उन्हें किन्नर अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने इस कड़े फैसले की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि अब ममता कुलकर्णी का अखाड़े से कोई लेना-देना नहीं है।
यह कार्रवाई ममता द्वारा सनातन धर्म के शीर्ष पदाधिकारियों को “झूठा” और “शून्य ज्ञान” वाला बताने के ठीक दो दिन बाद की गई है। अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों के साथ हुई एक आपात बैठक के बाद सर्वसम्मति से उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया।
ममता कुलकर्णी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सनातन धर्म के प्रतिष्ठित पदों पर बैठे व्यक्तियों पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, “10 में से 9 महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं, उन्हें अध्यात्म का शून्य ज्ञान है।” उन्होंने विशेष रूप से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर प्रहार करते हुए कहा कि उनके भीतर अहंकार भरा हुआ है। उन्होंने अयोध्या चुनाव के संदर्भ में भी विवादित टिप्पणी की थी, जिससे अखाड़ा परिषद के भीतर गहरा आक्रोश पैदा हो गया।
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निष्कासन की घोषणा करते हुए डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा, “अखाड़े में महिला, पुरुष और किन्नर सभी शामिल हैं और हम किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहते हैं। मौनी अमावस्या के दिन हुई घटनाओं से हम पहले ही आहत हैं, ऐसे में अखाड़े के किसी सदस्य द्वारा शीर्ष संतों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” अखाड़े का मानना है कि ममता के बयानों ने अखाड़े की गरिमा को ठेस पहुँचाई है और अनुशासन का उल्लंघन किया है।
ममता कुलकर्णी ने पिछले साल प्रयागराज महाकुंभ के दौरान संन्यास की दीक्षा ली थी और उन्हें महामंडलेश्वर स्वामी जय अंबानंद गिरी का नया नाम दिया गया था। बॉलीवुड की ग्लैमरस दुनिया को छोड़ अध्यात्म की राह पर चलने वाली ममता का यह सफर विवादों से भरा रहा है। अब अखाड़े से सदस्यता खत्म होने के बाद उनकी धार्मिक मान्यता पर भी सवाल उठने लगे हैं। संन्यासी बनने के बावजूद उनके भीतर की “कठोरता” और बेबाक बोल उनके लिए भारी पड़ गए हैं।