कंवर ढिल्लों का वर्क कल्चर पर बड़ा बयान, बोले- एक्टर इंसान हैं, मशीन नहीं, 12 घंटे की शूटिंग...

Kanwar Dhillon on TV Work Culture: कंवर ढिल्लों ने टीवी इंडस्ट्री के लंबे शूटिंग घंटों पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि एक्टर इंसान है, मशीन नहीं, इसलिए 12-14 घंटे की शिफ्ट्स खत्म होनी चाहिए।
कंवर ढिल्लों का वर्क कल्चर पर बड़ा बयान, बोले- एक्टर इंसान हैं, मशीन नहीं, 12 घंटे की शूटिंग...
कंवर ढिल्लों का वर्क कल्चर पर बड़ा बयान
Published on: 
Updated on: 

Kanwar Dhillon on Work Culture: टीवी एक्टर कंवर ढिल्लों ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि टीवी इंडस्ट्री में काम के घंटों को सीमित करने की सख्त जरूरत है। कंवर का मानना है कि कलाकारों और तकनीकी टीम के लिए 12 घंटे से ज्यादा की शिफ्ट शारीरिक और मानसिक रूप से थकाने वाली होती है, और आदर्श रूप से 8 से 10 घंटे की शिफ्ट पर्याप्त होनी चाहिए।

कंवर ढिल्लों ने कहा कि मैंने किसी आधिकारिक बदलाव के बारे में नहीं सुना है, लेकिन मैं 12 या उससे अधिक घंटों के बजाय 8-10 घंटे की स्टैंडर्ड शिफ्ट में काम करना पसंद करूंगा। कभी-कभी एपिसोड रातभर में शूट करके देने होते हैं, तब ‘ना’ कहना मुश्किल हो जाता है। लेकिन आदर्श रूप से 9-10 घंटे की शिफ्ट होनी चाहिए।

कंवर ढिल्लों ने कही ये बात

कंवर ढिल्लों ने आगे कहा कि लंबे शूट न सिर्फ एक्टर्स के स्वास्थ्य पर असर डालते हैं, बल्कि उनकी परफॉर्मेंस पर भी प्रभाव डालते हैं। लगातार शूटिंग से थकान और नींद की कमी होने लगती है, जिससे कलाकार अपनी पूरी ऊर्जा और भावनाओं के साथ सीन नहीं कर पाते। यह चर्चा तब तेज हुई जब बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने हाल ही में कहा था कि वह 8 घंटे से ज्यादा काम नहीं करना चाहतीं। उनके इस बयान ने पूरी फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर बहस छेड़ दी।

नायरा बनर्जी ने जाहिर की चिंता

इससे पहले टीवी एक्ट्रेस नायरा बनर्जी ने भी लंबे शेड्यूल को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि 14-15 घंटे तक काम करना कई बार स्वास्थ्य और नींद पर बुरा असर डालता है, जिससे एक्टर थके हुए और असंतुलित दिखते हैं। नायरा ने यह भी बताया कि वह हर हफ्ते कम से कम आधे दिन की छुट्टी लेने की कोशिश करती हैं ताकि खुद को और अपने परिवार को समय दे सकें।

कंवर ढिल्लों और नायरा बनर्जी का बयान

कंवर ढिल्लों और नायरा बनर्जी दोनों के बयानों से यह साफ है कि इंडस्ट्री में बदलाव की मांग बढ़ रही है। कई कलाकार अब खुलकर बोल रहे हैं कि लगातार 12-14 घंटे तक शूटिंग करना किसी के लिए भी टिकाऊ नहीं है। हालांकि, यह भी सच है कि जो कलाकार या तकनीशियन इस मुद्दे पर आवाज उठाते हैं, उन्हें अक्सर काम के मौके कम मिलते हैं या उन्हें प्रोजेक्ट से हटा दिया जाता है।

Navbharat Live
navbharatlive.com