Kamal Amrohi Life Story: कमाल अमरोही और मीना कुमारी की अधूरी मोहब्बत, निजी जिंदगी ने भी बटोरी सुर्खियां

Kamal Amrohi Career: कमाल अमरोही हिंदी सिनेमा के महान निर्देशक और लेखक रहे, जिनकी पहचान ‘महल’ और ‘पाकीजा’ जैसी क्लासिक फिल्मों से बनी। उनकी और मीना कुमारी की प्रेम कहानी जितनी गहरी थी।
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कमाल अमरोही (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Kamal Amrohi Birth Anniversary: हिंदी सिनेमा के इतिहास में कमाल अमरोही का नाम एक ऐसे फिल्मकार के तौर पर दर्ज है, जिन्होंने कम फिल्में बनाईं, लेकिन हर फिल्म को यादगार बना दिया। 17 जनवरी 1918 को उत्तर प्रदेश के अमरोहा में जन्मे कमाल अमरोही सिर्फ निर्देशक ही नहीं, बल्कि बेहतरीन लेखक और गीतकार भी थे। उनकी फिल्मों में शायरी, भव्यता और गहराई साफ झलकती थी। कमाल साहब का मानना था कि सिनेमा जल्दबाजी का नहीं, बल्कि सब्र और जुनून का काम है, और यही सोच उनके पूरे करियर में दिखाई देती है।

कमाल अमरोही को असली पहचान 1949 में आई फिल्म ‘महल’ से मिली। इसे भारत की पहली हॉरर फिल्म माना जाता है। रहस्य, रोमांस और संगीत से सजी इस फिल्म की कामयाबी ने कमाल अमरोही को रातोंरात सुपरस्टार निर्देशक बना दिया। ‘महल’ के संवाद और गाने आज भी सिनेप्रेमियों की जुबां पर हैं। इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि हिंदी सिनेमा की कहानी कहने के तरीके को भी नया आयाम दिया।

कमाल अमरोही और मीना कुमारी की प्रेम कहानी

हालांकि, कमाल अमरोही जितने अपने काम को लेकर चर्चा में रहे, उतनी ही सुर्खियां उनकी निजी जिंदगी ने भी बटोरीं। उनकी और मीना कुमारी की प्रेम कहानी हिंदी फिल्म जगत की सबसे चर्चित कहानियों में से एक रही। मीना कुमारी से पहली मुलाकात के बाद ही कमाल अमरोही उनके दीवाने हो गए थे। पहले से शादीशुदा होने के बावजूद उन्होंने मीना कुमारी से चोरी-छिपे निकाह किया। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा समय तक सामान्य नहीं रह सका और दोनों पति-पत्नी के रूप में अलग हो गए।

मीना कुमारी और कमाल अमरोही का रिश्ता

इसके बावजूद, प्रोफेशनल स्तर पर मीना कुमारी और कमाल अमरोही का रिश्ता कायम रहा। इसका सबसे बड़ा उदाहरण फिल्म ‘पाकीजा’ है। पति से अलग रहने के बावजूद मीना कुमारी ने इस फिल्म की शूटिंग पूरी की। साल 1972 में रिलीज हुई ‘पाकीजा’ अपने संगीत, भव्य सेट्स और भावनात्मक कहानी के लिए आज भी क्लासिक मानी जाती है। फिल्म के छह गाने इतिहास में दर्ज हो गए, लेकिन उसी साल फिल्मफेयर अवॉर्ड में ‘पाकीजा’ का सर्वश्रेष्ठ संगीत पुरस्कार शंकर-जयकिशन को फिल्म ‘बेईमान’ के लिए दे दिया गया।

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