BMC Election 2026: नवी मुंबई में गणेश नाईक का किला बरकरार, शिंदे शिवसेना को झटका

Maharashtra Local Body Elections: नवी मुंबई मनपा चुनाव में गणेश नाईक के नेतृत्व में भाजपा ने बढ़त कायम रखी। एकनाथ शिंदे की शिवसेना अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी और सीटें घट गईं।
Ganesh Naik
गणेश नाईक (सौ. सोशल मीडिया )
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Navi Mumbai News In Hindi: शिवसेना की तमाम कोशिशों के बाद भी नवी मुंबई के दिग्गज नेता गणेश नाईक के किले को कमजोर करने में उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पूरी तरह से नाकाम साबित हुए।

नवी मुंबई मनपा चुनाव में गणेश नाईक ने एकनाथ शिंदे का तांगा पूरी तरह से पलटी कर दिया और उनके घोड़ों को भी फरार कर दिया। नवी मुंबई में शिंदे की शिवसेना को अपेक्षा के अनुकूल सफलता तो दूर, उलटे उसकी सीटों की संख्या पहले से भी कम हो गई। नवी मुंबई मनपा चुनाव में भाजपा की बढ़त कायम रही।

सेना-भाजपा अलग-अलग उतरे थे मैदान में

नवी मुंबई महानगरपालिका में आपसी विवाद के कारण भाजपा-शिवसेना में युति नहीं हो पाई थी, जिसकी वजह से शिवसेना और भाजपा ने अलग अलग चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था। भाजपा ने सभी 28 प्रभागों के लिए 111 सदस्यों को मैदान में उतारा था, जबकि शिवसेना ने 108 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। शिवसेना (उबाठा) ने 56 उम्मीदवारों को, जबकि मनसे ने 25 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे।

सबके निशाने पर थे नाईक

मनपा चुनाव में सभी दलों के निशाने पर नाईक परिवार ही था, लेकिन मुख्य लड़ाई शिवसेना और भाजपा के बीच ही थी। नवी मुंबई मनपा की सत्ता पर काबिज होने के लिए शिवसेना ने विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद से ही तैयारी शुरू कर दी थी।

अपने आप को मजबूत करने के लिए शिवसेना ने बड़ी संख्या में पूर्व नगरसेवकों को अपनी पार्टी में शामिल किया था। शिवसेना के नेताओं को भरोसा था कि पूर्व नगरसेवकों को शामिल करने के बाद नवी मुंबई में उनकी ताकत बढ़ गई है। मनपा चुनाव के ऐन समय पर भी बड़ी संख्या में लोगों को शिवसेना में शामिल किया गया था लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद नवी मुंबई में शिवसेना की असली ताकत का पता चला।

परिवारवाद के आरोप को जनता ने नहीं दी तवज्जो

नवी मुंबई मनपा चुनाव जीतने के लिए शिवसेना नेताओं ने परिवारवाद के नाम पर नाईक को जमकर घेरने का प्रयास किया। आरोप यह भी लगाया गया कि नाईक का भाजपा के साथ वैचारिक संबंध नहीं है। वे सिर्फ अपने आसपास घूमने वालों को ही प्राथमिकता देने का काम करते हैं, किंतु चुनाव परिणाम आने के बाद पता चला कि गणेश नाईक पर परिवारवाद के आरोप की नवी मुंबई के मतदाताओं ने खारिज कर दिया और गणेश नाईक को पिछली बार से भी ज्यादा सीटों पर सफलता मिली। नवी मुंबई मनपा चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को मात्र एक सीट मिली जबकि मनसे, अजीत पवार की एनसीपी और शरद पवार की एनसीपी तथा कांग्रेस खाता तक नहीं खोल पाए।

वादों को पूरा करूंगा

नवी मुंबई के मतदाताओं ने एक बार फिर से मुझ पर भरोसा किया है इसलिए मैं हर कीमत पर जनता के साथ किए गए वादों को पूरा करने का काम करूंगा।

गणेश नाईक, वन मंत्री

जीत का श्रेय CM को

इस जीत का श्रेय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पार्टी कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत

का नतीजा है।

- मंदा म्हात्रे, विधायक, बेलापुर विधानसभा

मतदाताओं का भरोसा कायम रखेंगे

नवी मुंबई के मतदाताओं ने भाजपा को विकास के लिए चुना है। मतदाताओं को पूरा भरोसा है कि सही मायने में भाजपा ही विकास कर सकती है। भाजपा मतदाताओं के भरोसे पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेगी। ट्रिपल इंजन सरकार काम करके दिखाएगी।

- डॉ। राजेश पाटिल, भाजपा अध्यक्ष, नवी मुंबई

नाईक के नेतृत्व में होगा विकास

नवी मुंबई में सभी वर्ग के लोगों ने भाजपा पर भरोसा किया है। गणेश नाईक के नेतृत्व में नवी मुंबई का विकास अभी तक हुआ है और आगे भी इसी तरह से विकास होता रहेगा। यह मतदाताओं के विश्वास की जीत है।

- राजेश राय, अध्यक्ष, उत्तर भारतीय प्रकोष्ठ, नवी मुंबई भाजपा

नाईक परिवार से होगा महापौर

यह बात तो एकदम तय है कि महापौर पद इस बार भी नाईक परिवार के खाते में ही जाएगा क्योंकि मनपा चुनाव में गणेश नाईक के भतीजे वैभव नाईक भी चुनाव मैदान में थे और उनका पूरा पैनल जीता है। इस बार नाईक के भतीजे वैभव नाईक की पत्नी चुनाव मैदान में थी और उनकी जीत भी हुई है, इसलिए यदि यह सीट महिला के लिए आरक्षित होती है तो भी महापौर पद पर नाईक के घर का ही कोई सदस्य काबिज होगा, यह तय दिखता है।

नवी मुंबई से नवभारत लाइव के लिए मनीष अस्थाना की रिपोर्ट

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