इन भारतीय फिल्मों को मिला ऑस्कर अवॉर्ड्स (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Indian films Oscars List: दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कारों में से एक ऑस्कर अवॉर्ड्स का 98वां संस्करण 2026 में आयोजित होने जा रहा है। भारत और ऑस्कर का रिश्ता काफी पुराना रहा है। हर साल भारतीय सिनेमा से कई फिल्में और कलाकार इस मंच तक पहुंचते हैं। हालांकि भारत को अभी तक सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में जीत नहीं मिली है, लेकिन कई भारतीय फिल्मों और कलाकारों ने अन्य श्रेणियों में इतिहास रचा है।
तमिल डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म द एलिफेंट व्हिस्परर्स ने 95वें ऑस्कर समारोह में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का अवॉर्ड जीतकर भारत का नाम रोशन किया। कार्तिकी गोंसाल्वेस द्वारा निर्देशित और गुनीत मोंगा द्वारा निर्मित यह फिल्म तमिलनाडु के एक दंपति की कहानी दिखाती है, जो एक अनाथ हाथी के बच्चे की देखभाल करते हैं।
एसएस राजामौली की फिल्म आरआरआर का मशहूर गाना नाटू नाटू भी ऑस्कर जीतकर चर्चा में रहा। एमएम कीरावानी के संगीत और चंद्रबोस के बोलों वाले इस गीत ने सर्वश्रेष्ठ मौलिक गीत की श्रेणी में अवॉर्ड जीतकर इतिहास बना दिया। यह किसी भारतीय फिल्म का पहला गाना था जिसने यह सम्मान हासिल किया।
ग्रामीण भारत में मासिक धर्म से जुड़ी सामाजिक सोच और जागरूकता पर आधारित डॉक्यूमेंट्री पीरियड. एंड ऑफ सेंटेंस ने 91वें ऑस्कर समारोह में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का पुरस्कार जीता। इसे गुनीत मोंगा ने प्रोड्यूस किया था।
मेगन मायलन द्वारा निर्देशित स्माइल पिंकी ने भी सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का ऑस्कर जीता। यह फिल्म एक भारतीय लड़की की कहानी बताती है, जिसकी कटे होंठ की सर्जरी के बाद उसका जीवन पूरी तरह बदल जाता है।
हालांकि स्लमडॉग मिलियनेयर ब्रिटिश प्रोडक्शन थी, लेकिन इसमें भारतीय कलाकारों का अहम योगदान रहा। संगीतकार ए.आर. रहमान ने सर्वश्रेष्ठ मूल संगीत और सर्वश्रेष्ठ मूल गीत का ऑस्कर जीता, जबकि साउंड डिजाइनर रेसुल पुकुट्टी को भी अवॉर्ड मिला। गीतकार गुलजार को भी इस फिल्म के गीत के लिए ऑस्कर सम्मान मिला।
1982 में कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अथैया ऑस्कर जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्होंने फिल्म गांधी के लिए सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन का अवॉर्ड अपने नाम किया था।
ये भी पढ़ें- Oscars 2026: भारत में कब और कहां देखें दुनिया का सबसे बड़ा अवॉर्ड शो? जानिए टाइम से लेकर लाइव स्ट्रीमिंग तक सब
हालांकि भारत अब तक इस श्रेणी में जीत हासिल नहीं कर पाया है, लेकिन कई फिल्में इसके करीब पहुंचीं। इनमें मदर इंडिया (1957), सलाम बॉम्बे! (1988) और लगान (2001) जैसी फिल्में शामिल हैं। ऑस्कर 2026 से पहले भारतीय सिनेमा की ये उपलब्धियां यह दिखाती हैं कि भारतीय फिल्में और कलाकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।