इला अरुण (फोटो- सोशल मीडिया)
Ila Arun Birthday Special Story: हिंदी सिनेमा में कई ऐसे कलाकार हुए हैं, जिन्होंने एक से ज्यादा क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्हीं में से एक नाम है इला अरुण का। राजस्थानी लोक संगीत से अपनी पहचान बनाने वाली इला अरुण ने न सिर्फ गायकी में बल्कि अभिनय में भी शानदार काम किया है। उनकी अनोखी आवाज और दमदार व्यक्तित्व ने उन्हें बॉलीवुड में एक अलग मुकाम दिलाया।
15 मार्च 1954 को राजस्थान के जोधपुर में जन्मीं इला अरुण को बचपन से ही संगीत और लोक संस्कृति से गहरा लगाव था। उन्होंने राजस्थानी लोकगीतों के जरिए अपनी पहचान बनाई और बाद में बॉलीवुड में भी अपनी अलग छाप छोड़ी। 90 के दशक में उनकी आवाज का जादू खास तौर पर सुनाई दिया। फिल्म खलनायक का गाना चोली के पीछे क्या है उनके करियर का सबसे चर्चित गीत बना। इस गाने को उन्होंने मशहूर गायिका अलका याग्निक के साथ गाया था और इसे अभिनेत्री माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया था।
यह गाना जितना लोकप्रिय हुआ, उतना ही विवादों में भी रहा। कुछ लोगों ने इसके बोलों को अश्लील बताते हुए इसका विरोध किया। यहां तक कि उस समय दूरदर्शन ने भी इस गाने के प्रसारण पर रोक लगा दी थी। हालांकि इला अरुण ने हमेशा कहा कि उनके गाने अश्लील नहीं, बल्कि लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन की झलक दिखाते हैं। तमाम विवादों के बावजूद यह गाना सुपरहिट साबित हुआ और आज भी शादियों और समारोहों में खूब बजाया जाता है।
इला अरुण ने अपने करियर में कई यादगार गानों को आवाज दी। फिल्म हम आपके हैं कौन..! का गाना मोरनी बागा मा बोले उन्होंने महान गायिका लता मंगेशकर के साथ गाया था। इसके अलावा उन्होंने फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर के गाने रिंगा रिंगा से भी काफी लोकप्रियता हासिल की। उन्होंने हिंदी के अलावा तमिल और तेलुगू फिल्मों के लिए भी अपनी आवाज दी है।
गायकी के साथ-साथ इला अरुण ने अभिनय में भी अपनी खास पहचान बनाई। उन्होंने कई फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की फिल्म जोधा अकबर में उन्होंने अकबर की पालक मां ‘महाम अंगा’ का किरदार निभाया, जो काफी चर्चा में रहा। इसके अलावा चाइना गेट, चिंगारी, वेल डन अब्बा, वेलकम टू सज्जनपुर और बेगम जान जैसी फिल्मों में भी उन्होंने यादगार सहायक भूमिकाएं निभाईं।
फिल्मों के साथ-साथ इला अरुण ने टेलीविजन की दुनिया में भी काम किया। उन्होंने भारत एक खोज, यात्रा और संविधान जैसे टीवी शोज में भी अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाई। करीब चार दशकों से ज्यादा लंबे करियर में इला अरुण ने साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती। गायकी और अभिनय दोनों में उनका योगदान भारतीय मनोरंजन जगत में हमेशा याद रखा जाएगा।