जुनून, मेहनत और सीखने की भूख, पटना की गलियों से NASA तक, Sushant Singh Rajput की सफलता के 5 फॉर्मूले
Sushant Singh Rajput Success Mantra: बॉलीवुड में कई ऐसे कलाकार आए जिन्होंने अपनी एक्टिंग से लोगों के दिलों पर राज किया। मगर सुशांत सिंह राजपूत एक ऐसे एक्टर थे, जिन्होंने पर्दे पर अभिनय करने के साथ-साथ रियल लाइफ में शिक्षा, ज्ञान और बड़े सपने देखने की मानसिकता को एक नई परिभाषा दी।
- Written By: यति सिंह
दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत का जीवन इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि अगर आपके सपने बड़े हैं और आपके हौसलों मजबूत है, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। सुशांत ने अपनी 12वीं की परीक्षा के बाद अखिल भारतीय स्तर की इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में 7वां स्थान हासिल किया था।
देश के बेहद फेमस संस्थान में एडमिशन लेने के बाद भी सुशांत ने अपनी कलात्मक अभिरुचि को मरने नहीं दिया। जब सुशांत का रुझान डांस की तरफ बढ़ा, तो उन्होंने शामक डावर की क्लास में एंट्री ली और बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम करते हुए बॉलीवुड का टॉप सितारा बनने का ख्वाब देखा, जिसे उन्होंने अपनी लगन से पूरा भी किया।
Anup Jalota Birthday: 37 साल छोटी एक्ट्रेस के साथ जुड़ा नाम, भजन से बनाई पहचान, विवादों ने भी बटोरी सुर्खियां
फिल्मों में निभाते थे शराबी का किरदार, असल जिंदगी में कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया, जानिए जॉनी वॉकर की कहानी
Sanjay Dutt Birthday: स्टारडम के बीच मौत के बेहद करीब पहुंच गए थे संजय दत्त, फिर एक घटना ने बदल दी पूरी कहानी
Ramayana Trailer: रामायण के ट्रेलर का इंतजार खत्म, ब्रह्म मुहूर्त में रिलीज होगा रणबीर कपूर की फिल्म का ट्रेलर
आज के दौर में ज्यादातर लोग शॉर्टकट तलाशते हैं, लेकिन सुशांत का मानना था कि लंबे समय की सफलता केवल और केवल कड़ी मेहनत की नींव पर ही टिकी होती है। इंजीनियरिंग कॉलेज के दिनों में वह दिनभर अपनी तकनीकी पढ़ाई पूरी करते थे और रात के समय डांस क्लास में पसीना बहाते थे।
जब सुशांत ने अपने ड्रीम को पूरा करने के लिए मुंबई का रुख किया, तो शुरुआत बेहद चुनौतिपूर्ण थी। एक छोटे से फ्लैट में 6 लोगों के साथ रहने के बावजूद उन्होंने कभी परिस्थितियों के आगे घुटने नहीं टेके। उन्होंने अपने जुनून को हमेशा बाए रखा।
एक सफल मंजिल पर पहुंचने के बाद भी सुशांत के अंदर का छात्र हमेशा जीवित रहा। एक्टिंग की बिजी शड्यूल के बीच भी सुशांत हमेशा अपने पास किताबें रखते थे। साहित्य से लेकर दर्शनशास्त्र तक, उनकी बुक्स की अलमारी में हर तरह का ज्ञान समाहित था। भौतिक विज्ञान सुशांत का सबसे पसंदीदा विषय था और वह अक्सर क्वांटम फिजिक्स से जुड़ी पुस्तकें पढ़ते नजर आते थे।
चलते रहना ही लाइफ का दूसरा नाम है और सुशांत इस सिद्धांत को पूरी तरह से जीते थे। वह कभी भी एक जगह ठहरकर संतुष्ट होने वाले व्यक्ति नहीं थे। जब उन्होंने इंजीनियरिंग में सफलता पाई तो वह डांस की ओर बढ़े, डांस में निपुण हुए तो एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। अभिनय के शिखर पर पहुंचने के बाद उन्होंने खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष की गहराइयों को समझने का प्रयास शुरू कर दिया।
सुशांत की बहुचर्चित 50 सपनों की लिस्ट इस बात का प्रमाण है कि वह केवल अपने लिए नहीं जीते थे। उस लिस्ट में जहां एक तरफ व्यक्तिगत इच्छाएं थीं, वहीं दूसरी तरफ समाज और देश के लिए कुछ बड़ा करने का जज्बा भी साफ झलकता था। सुशांत अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले गरीब बच्चों को अपने खर्च पर इसरो और नासा जैसी संस्थाओं में भेजना चाहते थे।
इसके अलावा सुशांत सिंह राजपूत महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस के पाठ्यक्रम शुरू करना, महिला उद्यमियों को एक सशक्त मंच प्रदान करना और देश में सरकारी पढ़ाई को पूरी तरह से मुफ्त करने का सपना उनकी सोच को दर्शाता है।
