56वें IFFI में चमकेगी अनुपम खेर की ‘तन्वी द ग्रेट’, तीन फिल्मों की होगी स्क्रीनिंग

Tanvi The Screening: अनुपम खेर की तन्वी द ग्रेट को 56वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में चुना गया है। इस बार उनकी तीन फिल्में तन्वी द ग्रेट, द बंगाल फाइल्स और कैलोरी की स्क्रीन होंगी।
Anupam Kher Tanvi the Great to shine at 56th IFFI three films to be screened
56वें IFFI में चमकेगी अनुपम खेर की तन्वी द ग्रेट
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Anupam Kher IFFI 2025: अभिनेता अनुपम खेर के करियर में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। उनकी फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ लगातार प्रशंसा और पुरस्कार बटोर रही है। अब यह फिल्म 56वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) में दिखाई जाएगी। खास बात यह है कि अनुपम खेर की केवल एक नहीं, बल्कि तीन फिल्मों का चयन इस प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल के लिए हुआ है। इनमें ‘तन्वी द ग्रेट’, विवेक अग्निहोत्री की ‘द बंगाल फाइल्स’ और उनकी एक अन्य फिल्म ‘कैलोरी’ शामिल हैं।

अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस उपलब्धि को साझा करते हुए लिखा कि वह बेहद उत्साहित और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 41 साल के करियर और 549 फिल्मों के बाद इस तरह का सम्मान उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने लिखा कि इस साल IFFI में मेरी तीन फिल्मों का प्रदर्शन होने जा रहा है। यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। इसके अलावा मैं ‘हार मानना कोई विकल्प नहीं है’ विषय पर मास्टरक्लास भी लूंगा।

गोवा में शुरू हुआ IFFI 2025

गुरुवार से गोवा में शुरू हुआ 56वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव आठ दिनों तक चलेगा। इस दौरान देश–विदेश के फिल्मकार अपनी श्रेष्ठ फिल्मों का प्रदर्शन करेंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी पैनल चर्चाएं, वर्कशॉप्स और मास्टरक्लास आयोजित होंगी, जिनका उद्देश्य नई पीढ़ी के फिल्म निर्माताओं को सिनेमा की गहराई और रचनात्मकता की बेहतर समझ देना है। IFFI का मुख्य मकसद न केवल अच्छी फिल्मों को मंच उपलब्ध कराना है, बल्कि भारत की कला, संस्कृति और विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना भी है।

अनुपम खेर की तन्वी द ग्रेट

अनुपम खेर की फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक रही है। इस फिल्म का निर्देशन खुद अनुपम खेर ने किया है और इसे उन्होंने अपनी भांजी से प्रेरित होकर बनाया है, जो ऑटिज्म से पीड़ित हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि ऑटिज्म से जूझ रहे बच्चों और उनके परिवारों को किन चुनौतियों और सामाजिक दबावों का सामना करना पड़ता है। संवेदनशील विषय पर बनी यह फिल्म जहां दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ती है, वहीं समाज को जागरूक करने का भी एक मजबूत जरिया बनती है। महोत्सव में ‘द बंगाल फाइल्स’ और ‘कैलोरी’ भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेंगी।

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