तमिलनाडु चुनाव: स्टालिन की सुनामी या विजय का जलवा? प्री-पोल सर्वे के नतीजों से उड़े होश, किसके हाथ लगेगी सत्ता
Tamil Nadu Election 2026: तमिलनाडु चुनाव के लिए आए प्री-पोल सर्वे ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। सर्वे ने स्टालिन की सत्ता में वापसी की भविष्यवाणी की है तो वहीं सुपरस्टार विजय की हार का अंदेशा जताया है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
एम के स्टालिन और विजय, फोटो- सोशल मीडिया
Tamil Nadu Pre-Poll Survey Results: दक्षिण भारत की राजनीति में इस समय ‘करो या मरो’ की स्थिति बनी हुई है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के एलान के साथ ही जनता का मिजाज जानने के लिए सर्वेक्षणों का दौर शुरू हो गया है। हाल ही में ANS की ओर से जारी किए गए प्री-पोल सर्वे ने राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया है।
इस सर्वे के नतीजे न केवल वर्तमान सरकार के कामकाज पर मुहर लगा रहे हैं, बल्कि नए खिलाड़ियों और पुराने दिग्गजों के लिए खतरे की घंटी भी बजा रहे हैं। कोलाथुर से लेकर पेरम्बूर तक, हर सीट पर समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
काम कर गया स्टालिन का ‘मास्टरस्ट्रोक’?
सर्वे के सबसे चौंकाने वाले आंकड़ों में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की लोकप्रियता का कारण उनकी जनकल्याणकारी योजनाएं बताई गई हैं। सर्वे में शामिल 60% से अधिक महिलाओं ने माना कि सरकार की 5000 रुपये वाली सहायता योजना ने उनके जीवन पर सकारात्मक असर डाला है और वे इसी आधार पर दोबारा डीएमके को चुनने के पक्ष में हैं। इस ‘साइलेंट वोटर’ के भरोसे ही सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि डीएमके गठबंधन 234 में से 180 सीटों पर कब्जा कर सकता है, जो पिछली बार से भी बड़ी जीत हो सकती है।
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क्या फ्लॉप होगी सुपरस्टार विजय की सियासी फिल्म?
तमिल सिनेमा के बेताज बादशाह विजय ने जब अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ का एलान किया था, तो माना जा रहा था कि वे इस चुनाव में ‘किंगमेकर’ बनेंगे। लेकिन सर्वे के नतीजे उनके प्रशंसकों के लिए निराशाजनक हो सकते हैं। सर्वे के अनुसार, विजय की पार्टी को करीब 9.7% वोट तो मिल सकते हैं, लेकिन खुद विजय अपनी पेरम्बूर सीट से चुनाव हार सकते हैं। राजनीति में एंट्री करते ही अपनी सीट खोने का खतरा किसी भी बड़े नेता के लिए एक बड़ा झटका माना जाता है।
एआईएडीएमके और भाजपा का ‘सीट शेयरिंग’ फॉर्मूला तय
चुनावी सर्वे में पिछड़ने के बावजूद विपक्षी गठबंधन एनडीए ने मैदान नहीं छोड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में एआईएडीएमके ने सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया है। गठबंधन के तहत तय हुआ है कि एआईएडीएमके सबसे ज्यादा 178 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि भारतीय जनता पार्टी के हिस्से में 27 सीटें आई हैं। इसके अलावा पीएमके को 18 और एएमएमके को 11 सीटें आवंटित की गई हैं।
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विपक्ष इस सर्वे को सिरे से खारिज कर रहा है। भाजपा के तमिलनाडु प्रभारी पीयूष गोयल का दावा है कि राज्य की जनता सुशासन और विकास चाहती है और वे डीएमके-कांग्रेस के ‘आर्थिक कुप्रबंधन’ का अंत करेंगे। दूसरी ओर पुडुचेरी में भी हलचल तेज है, जहां कांग्रेस 16 और डीएमके 14 सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है।
