

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अकेले दम पर चुनाव मैदान में उतरी है। लेकिन सियासी गलियारों में चर्चा हो रही है कि राज ठाकरे किस पाले में जाएंगे। लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और एनडीए को बिना शर्त समर्थन करने वाले राज ठाकरे ने विधानसभा चुनाव में अकेले जाने का रास्ता चुना। वहीं दूसरी ओर पहली विधानसभा चुनाव लड़ रहे एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे का बीजेपी समर्थन कर रही है।
एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि मैं महायुति ने भाजपा के साथ हूं। राज ठाकरे ने अकेले चुनाव लड़ने के फैसले को लेकर कहा कि "मैंने लोकसभा चुनाव में बीजेपी का समर्थन का किया था लेकिन उसी समय पार्टी के कार्यकर्ताओं से यह भी कहा था कि विधानसभा चुनाव की तैयरी में लग जाओ।"
राज ठाकरे कहा कि उन्हें लगता है कि महाराष्ट्र में चुनाव परिणामों के बाद महायुति की सरकार बनने जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस महायुति सरकार को स्थापित करने के लिए मनसे के समर्थन की आवश्यकता पड़ेगी। राज ठाकरे ने कहा कि बीजेपी का मुख्यमंत्री बनाने के सवाल पर कहा कि "महायुति उनका गठबंधन है मेरी पार्टी बाहर की पार्टी है। लेकिन हमारी पार्टी और मेरा कंफर्ट जोन भाजपा के साथ है।"
राज ठाकरे ने कहा कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर से बैन होने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर लाउडस्पीकर से यदि किसी को परेशानी हो रही है तो इसे बंद कर देना चाहिए। राज ठाकरे ने कहा कि कौन सा धर्म है जो कहता है कि लोगों को परेशान करो।
2019 के विधानसभा चुनाव में आदित्य ठाकरे जब वर्ली से चुनाव लड़ रहे थे तब मैंने एक अच्छी भावना के तहत उनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारा। जबकि वर्ली में मनसे के 40 हजार के लगभग मतदाता है। लेकिन मुझे लगा कि मेरे परिवार से कोई व्यक्ति चुनाव लड़ रहा है तो मुझे उसके खिलाफ प्रत्याशी नहीं उताराना चाहिए। इसके लिए मैंने किसी से बात नहीं की थी।
इस बार जब अमित ठाकरे के चुनाव लड़ने के बात हुई तो हमारी पार्टी ने उनका नाम पहले ही घोषित कर दिया था। अगर उद्धव ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) को लगता कि अमित के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारना चाहिए तो नहीं उतारना चाहिए था। लेकिन मैंने इसके लिए किसी से बात नहीं की।