कल्याण पूर्व विधानसभा सीट (डिजाइन फोटो)
मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 2024 की बेला नजदीक है। सियासी दल और सियासतदान हर वह समीकरण सेट करने की जुगत में जुट गए हैं, जो उन्हें राज्य में सत्ता की कुर्सी पर आसीन कर सके। इसके लिए वह सीट वाइज प्लानिंग में लग चुके हैं। किस सीट पर कौन से समीकरण और किन-किन मुद्दों को हथियार बनाकर 2024 के इस चुनावी महाभारत में राजतिलक किया जा सकता है उसे लेकर हर पार्टी रणनीति तैयार कर रही है।
अब तक महाराष्ट्र की किस सीट पर कौन हावी रहा है? किसने कब जीत दर्ज की है? कौन विजयश्री की तलाश में है वह सब जानने की इच्छा आपके मन में भी होगी! आपकी इसी इच्छा की तृप्ति के लिए हम भी जुटे हुए हैं और आप तक हर सीट का लेखा-जोखा पहुंचा रहे हैं। इसी कड़ी में आज हम बात करने वाले हैं कल्याण पूर्व विधानसभा सीट की। जहां अब तक एक ही शख्स का एक छत्र राज रहा है।
साल 2009 में चुनाव के पहले परिसीमन मे बनी कल्याण पूर्व सीट पर अब तक गणपत कालू गायकवाड़ को ही जनता जनादेश देती आई है। 2009 में उन्होंने इस सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत दर्ज की तो 2014 में भी वह यहां अपनी साख बचाने में कामयाब रहे। इसके बाद पिछले यानी 2019 चुनाव में उन्होंने बीजेपी के टिकट से दावेदारी पेश करते हुए जीत दर्ज की।
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सामान्य कैटेगरी की इस सीट पर सामान्य और ओबीसी वोटर्स का दबदबा रहा है। वहीं, 2019 चुनाव के आंकड़ों के अनुसार यहां कुल 3 लाख 42 हजार 263 वोट में करीब 40 हजार एससी वोटर्स की भागीदारी है। जबकि 14 हजार एसटी और 10 हजार के करीब मुस्लिम वोटर्स भी हैं। इस सीट पर करीब 80 फीसदी शहरी वोटर्स है। ऐसे में यहां के मुद्दे भी शहर से जुड़े होते हैं। जिनमें बिजली, पानी, सड़क और नाली शामिल है।
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कल्याण पूर्व विधानसभा सीट पर पिछले तीनों चुनावों के वोटिंग पैटर्न और रिजल्ट्स पर नज़र डालें तो यहां एक बार फिर से गणपत कालू गायकवाड़ ही मैदान मारते हुए दिखाई देते हैं। लेकिन सियासत में जनता को ही जनार्दन कहा जाता है। वह कब किसका समीकरण बिगाड़ दे, कब किसकी कुर्सी उखाड़ दे और किसकी ताजपोशी कर दे इसका सटीक अंदाजा लगा पाना बेहद मुश्किल है। लेकिन आंकड़े जो बयां कर रहे हैं उससे स्थिति एकदम साफ है। फिर भी देखना दिलचस्प होगा कि यहां इस बार कौन बाजी मारेगा।