मालेगांव मध्य विधानसभा सीट: कांग्रेस और AIMIM में होगी मुस्लिमों का रहनुमा बनने की जंग

मालेगांव मध्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र महाराष्ट्र के नासिक रीजन में आता है। यह सीट धुले लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यह एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है। यह सीट मुस्लिम बहुल इलाके में आती है।
मालेगांव मध्य विधानसभा सीट: कांग्रेस और AIMIM में होगी मुस्लिमों का रहनुमा बनेने की जंग
(डिजाइन फोटो)
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नासिक: मालेगांव मध्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र महाराष्ट्र के नासिक रीजन में आता है। यह सीट धुले लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यह एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है। यह सीट मुस्लिम बहुल इलाके में आती है। मालेगांव मध्य विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र मुस्लिम बहुल होने के कारण पार्टियां यहां मुस्लिम उम्मीदवार ही उतारती है। अब तक यहां से मुस्लिम उम्मीदवारों ने ही जीत हासिल की हैं।

मालेगांव मध्य विधानसभा में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 222,398 है जो 2019 विधानसभा चुनाव के आंकड़ों के अनुसार लगभग 78.4% है। यहां अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या लगभग 5,560 है जो कुल मतदाओं की संख्या के अनुसार 1.96 प्रतिशत है। वहीं अनुसूचित जनजाति के मतदाताओं की बात करे तो उनकी संख्या लगभग 1,248 है जो 0.44% है।

अब तक के विधायक

  • 2019 मोहम्मद इस्माइल अब्दुल खालिक, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन
  • 2014 आसिफ शेख रशीद, कांग्रेस
  • 2009 मोहम्मद इस्माइल अब्दुल खालिक, जन सुराज्य शक्ति
  • 2004 शेख रशीद हाजी शेख शफी, कांग्रेस
  • 1999 शेख रशीद हाजी शेख शफी, कांग्रेस
  • 1995 निहाल अहमद मौलवी मो. उस्मान, जनता दल
  • 1990 निहाल अहमद मौलवी मो. उस्मान, जनता दल
  • 1985 निहाल अहमद मौलवी मो. उस्मान, जनता पार्टी
  • 1980 निहाल अहमद मौलवी मो. उस्मान, जनता पार्टी
  • 1978 निहाल अहमद मौलवी मो. उस्मान, जनता पार्टी

मालेगांव मध्य विधानसभा सीट पर 1978 से 1999 तक निहाल अहमद मौलवी मो. उस्मान का कब्जा रहा। जो पहले तीन बार जनता पार्टी और बाद में बाद बार जनता दल के टिकट पर चुनाव जीते। 1999 में यह सीट कांग्रेस के कब्जे में आई। तब से यहां कांग्रेस का दबदबा रहा, लेकिन 2019 के चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के मोहम्मद इस्माइल अब्दुल खालिक ने मालेगांव मध्य विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की।

इस बार क्या होगा समीकरण

2019 में जीत के बाद ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को इस सीट से काफी उम्मीदें होगी। मुस्लिम बहुल इलाका होने के कारण ओवैसी की पार्टी को यहां फायदा मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। कहा जा रहा है कि यदि महाविकास आघाड़ी ने यहां मजबूत उम्मीदवार दिया तो यहां कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। पिछले विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने कांग्रेस के आसिफ शेख रशीद को हराकर जीत दर्ज की थी।

माना जा रहा है कि यह सीट महाविकास आघाड़ी से कांग्रेस के खाते में जा सकती है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा की मुस्लिम मतदाता आवैसी और कांग्रेस में से किसे साथ देते हैं। दोनों ही पार्टियां मुस्लिम वोटों का रहनुमा बनने की पुरजोर काेशिश करेंगी। ऐसे में ऊंट किस करवट बैठता है देखने वाली बात होगी।

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