भड़काऊ बयान देकर बुरे फंसे असदुद्दीन ओवैसी, भाषण के बीच पुलिस ने थमाया नोटिस, जानें क्या है पूरा मामला

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल तैयार है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के नेता एक दूसरे पर हमलावर हो रहे हैं। लेकिन, वोटिंग से ठीक पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन को बड़ा झटका लगता हुआ दिख रहा है।
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असदुद्दीन ओवौसी (प्रमुख आईएमआईएम )
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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी जंग जारी है। वोटरों को लुभाने के लिए सभी दलों के नेता कोई भी कसर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। राज्य के 288 विधानसभा सीटों के लिए अगले हफ्ते यानी की 20 नवंबर को मतदान होना है। इससे पहले नेताओं का चुनावी अभियान अपने चरम पर है। हालांकि वोटिंग से पहले महाराष्ट्र के चुनावी मैदान में उतरे एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को चुनावी झटका लगता हुआ दिख रहा है। जहां पुलिस ने उन्हें नोटिस भेजकर चेतावनी दी है कि वो अपने भाषण के दौरान किसी भी भड़काऊ शब्दों का इस्तमाल ना करें। बता दें कि पुलिस ने ओवैसी को ये नोटिस तब भेजा जब वे सोलापुर विधानसभा क्षेत्र में एक रैली में मंच पर थे और एआईएमआईएम उम्मीदवार फारूक शाब्दी के लिए प्रचार कर रहे थे।

बता दें कि पुलिस नोटिस जारी करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख को निर्देश दिया है कि वे अपने भाषण में किसी भी समुदाय की भावनाओं के खिलाफ टिप्पणी न करें। इसके अलावा अपने भाषणों में किसी भी तरह के भड़काऊ शब्दों का इस्तेमाल न करें। वहीं, चुनावी मंच पर ओवैसी को नोटिस पढ़ते हुए और उसी समय मोबाइल फोन पर बात करते हुए देखा गया। हलांकि, नोटिस में किसी खास मामले का उल्लेख नहीं किया गया है जिसमें ओवैसी ने अपने भाषणों से किसी कानून का उल्लंघन किया हो।

16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है AIMIM

गौरतलब है कि असदुद्दीन की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) महाराष्ट्र में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के इरादे से चुनावी मैदान में उतरी है। पार्टी की नजर दलित और मुस्लिम वोटों को पर है और किसी भी हाल में वह इन वोट बैंक को अपने पक्ष में पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। बता दें कि महाराष्ट्र की कुल 288 विधानसभा सीटों में एआईएमआईम केवल 16 सीटों पर ही अपने उम्मीदवार उतारी है। लेकिन पिछले कुछ चुनाव की बात करें तो पार्टी 2014 और 2019 में केवल दो सीटें जीती थी। हालांकि इस बार पार्टी को पिछले चुनावों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। बता दें कि 2019 में AIMIM ने 44 सीटों पर चुनाव लड़ा था और मालेगांव सेंट्रल और धुले में जीत हासिल की थी लेकिन इसने कांग्रेस और शरद पवार की NCP के उम्मीदवारों के लिए मुश्किलें भी पैदा की थीं।

दलित-मुस्लिम वोटों का समीकरण

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में इस बार ओवैसी दलित और मुसलमान वोटों को साधने में लगे है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि एआईएमआईएम प्रमुख ने औरंगाबाद सेंट्रल, औरंगाबाद ईस्ट, मुंब्रा-कलवा (ठाणे), मालेगांव सेंट्रल, धुले, सोलापुर, नांदेड़ साउथ, मानखुर्द शिवाजी नगर, भिवंडी वेस्ट, करंजा, नागपुर नॉर्थ, बायकुला, वर्सोवा (मुंबई), मुर्तिजापुर (अकोला), कुर्ला और मिराज (सांगली) में 4 दलित और 12 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं।

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